राँची | Hemant Soren: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के बीच आज झारखंड राजकीय पॉलिटेक्निक अंशकालीन व्याख्याता संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से शिष्टाचार मुलाकात की।
मुख्यमंत्री कक्ष में हुई इस मुलाकात के दौरान व्याख्याताओं ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा।
प्रमुख मांगें: सेवा विस्तार और विसंगतियों का समाधान
प्रतिनिधिमंडल ने CM Hemant Soren के समक्ष राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में कार्यरत नीड बेस्ड लेक्चरर्स (Need Based Lecturers) की समस्याओं को विस्तार से रखा। ज्ञापन के माध्यम से मुख्य रूप से निम्नलिखित दो मांगों पर जोर दिया गया:
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सेवा अवधि में विस्तार: संघ ने आग्रह किया है कि राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में कार्यरत सभी अंशकालीन व्याख्याताओं की सेवा अवधि को बढ़ाकर 65 वर्ष किया जाए।
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नियमावली में सुधार: वर्तमान नियमावली में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने का अनुरोध किया गया है, ताकि व्याख्याताओं के भविष्य और उनकी सेवा शर्तों में स्पष्टता और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
CM Hemant Soren का आश्वासन
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और प्राप्त ज्ञापन पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा और तकनीकी संस्थानों में कार्यरत कर्मियों के हितों के प्रति संवेदनशील है और नियमानुसार उचित कदम उठाए जाएंगे।
कौन-कौन थे शामिल?
इस मुलाकात के दौरान संघ के कई महत्वपूर्ण सदस्य और प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री को राज्य के तकनीकी शिक्षा ढांचे को मजबूत करने में अंशकालीन व्याख्याताओं के योगदान से भी अवगत कराया।
यदि सरकार सेवा अवधि बढ़ाने की मांग स्वीकार करती है, तो राज्य के विभिन्न पॉलिटेक्निक संस्थानों में वर्षों से सेवा दे रहे सैकड़ों व्याख्याताओं को बड़ी राहत मिलेगी और तकनीकी शिक्षा के स्तर में निरंतरता बनी रहेगी।



