IITF 2023: झारखण्ड पवेलियन में झारखण्ड माइंस एंड जियोलॉजी डिपार्टमेंट प्रदर्शित कर रहा है झारखण्ड के खनिजों के सैंपल

झारखण्ड पवेलियन में आने वाले लोगो को खनिजों की जानकारी दे रहा है, झारखण्ड माइंस एंड जियोलॉजी डिपार्टमेंट का स्टाल

नई दिल्ली: भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2023 (IITF 2023) प्रगति मैदान आम लोगो के लिए खोल दिया गया है| मेले में बनाये गए झारखण्ड पवेलियन में शनिवार के दिन काफी भीड़ देखने को मिली|

IITF 2023: अलग अलग खनिजों का लाइव डेमो रखा

पवेलियन में आने वाले लोग जहाँ एक ओर झारखण्ड के उत्पादों को पसंद कर रहे हैं और खरीद रहे हैं, वहीँ झारखण्ड प्रदेश के विभिन्न विभागों की स्टाल पर उनकी योजनाओ की जानकारियां ले रहे हैं| झारखण्ड पवेलियन में बनाये गए झारखण्ड माइंस एंड जियोलॉजी डिपार्टमेंट के स्टाल पर लोगो की खूब भीड़ देखने को मिली| झारखण्ड माइंस एंड जियोलॉजी डिपार्टमेंट ने अपनी स्टाल पर अलग अलग खनिजों का लाइव डेमो रखा हुआ है |

झारखण्ड माइंस एंड जियोलोजी प्रदर्शित किये गए खनिजों में ग्रेफाइट, कोल् , आयरन ओर, माइका, बॉक्साइट, क्यूनाइट लगाए गए है| यहाँ लोगो को बताया जा रहा है कि ग्रेफाइट का उपयोग पेंसिल बनाने में, कोल् का उपयोग ऊर्जा बनाने में, आयरन ओर का इस्तेमाल लोहा बनाने में, माइका का उपयोग पेंट बनाने में, बॉक्साइट का उपयोग अलुमिनियम बनाने में, काईनाइट का उपयोग रेफेक्टरी बनाने में किया जा रहा है| प्रदर्शित किये गए खनिजों के आलावा लाइम स्टोन, माइका, मैगनीज , यूरेनियम आदि भी पाया जाता है|

IITF 2023: झारखण्ड कोल में देश में तीसरे पायदान और बक्साइट में सातवे पायदान पर है

पवेलियन में आने वाले स्कूल के बच्चों में खनिजों के सैंपल में रूचि दिख रही हैं| उनको खनिजों के प्रकार, उसके अन्वेषण और प्रसंस्करण की जानकारी दी जा रही है| गुरुग्राम से आये कुछ व्यवसायिओं से जानकारी साझा करते हुए सहायक निदेशक भूतत्त्व राकेश पन्ना ने बताया की झारखण्ड देश की कुल खनिज सम्पदा का 40% खनिज का आधिपत्य रखता है| झारखण्ड कोल में देश में तीसरे पायदान और बक्साइट में सातवे पायदान पर है|

वर्तमान में विभाग आधुनिक तकनीकी के प्रयोग पर जोर दे रहा है| जिसमे ब्लॉक का सर्वेक्षण ड्रोन कैमरे द्वारा किया जा रहा है| आने वाले कुछ महीनो में झारखण्ड माइंस एंड जियोलॉजी डिपार्टमेंट द्वारा लघु एवम वृहत्त खनिज ब्लॉक का नीलामी किया जाना है।

 

 

 

 

 

यह भी पढ़े: Jharkhand पवेलियन में खूब पसंद किया जा रहा है झारखण्ड का पारम्परिक परिधान

Exit mobile version