
रांची में बुधवार को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। प्रोजेक्ट भवन में आयोजित इस बैठक में कुल 53 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा और प्रशासनिक सुधार से जुड़े बड़े निर्णय शामिल हैं।
शिक्षा और युवाओं पर खास फोकस
सरकार ने छात्रों में प्रतिस्पर्धा और वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए कई नई पहल की हैं।
- अब सरकारी स्कूलों, आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में राज्य स्तरीय क्विज प्रतियोगिता आयोजित होगी।
- उच्च शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाना अनिवार्य किया गया है।
- राष्ट्रीय गणित दिवस और विज्ञान दिवस को बड़े स्तर पर मनाने का निर्णय लिया गया है, ताकि छात्रों में शोध और नवाचार की रुचि बढ़े।
रांची के इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी मजबूती
राजधानी में यातायात की समस्या को देखते हुए बड़ा फैसला लिया गया है।
- नामकुम से डोरंडा तक सड़क फोरलेन बनाई जाएगी।
- इस परियोजना के लिए 162 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
इससे रांची में जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा कदम
सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया है।
- धनबाद, खूंटी, गिरिडीह और जामताड़ा के सदर अस्पतालों को पीपीपी मोड में मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित किया जाएगा।
- मेडिकल इंटर्नशिप के स्टाइपेंड को मंजूरी दी गई है, जिससे मेडिकल छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा।
आर्थिक और प्रशासनिक फैसले
कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण आर्थिक और प्रशासनिक प्रस्तावों को भी मंजूरी दी:
- मोटरवाहन करारोपण संशोधन विधेयक को हरी झंडी
- महंगाई भत्ता (DA) में वृद्धि—राज्य कर्मियों और पेंशनधारियों को राहत
- अनुपूरक बजट को स्वीकृति
- वित्त आयोग की अवधि विस्तार और रिपोर्ट को मंजूरी
- विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने और नियमावली संशोधन के फैसले
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
- बड़हरवा शहरी जलापूर्ति योजना के लिए 87 करोड़ रुपये की मंजूरी
- पाकुड़ प्यादापथ परियोजना के लिए 45 करोड़ रुपये स्वीकृत
- अनधिकृत निर्माण को नियमित करने की पहल
- दिव्यांगजन, पशुपालन, भवन उपविधि समेत कई नियमावलियों में संशोधन
विकास को गति देने की कोशिश
इस कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले साफ संकेत देते हैं कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए राज्य के समग्र विकास को गति देना चाहती है।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अगुवाई में लिए गए ये निर्णय आने वाले समय में झारखंड की विकास दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।



