
रांची में हीट वेव का असर: अलर्ट मोड पर स्वास्थ्य व्यवस्था, अभी तक गंभीर केस कम
झारखंड की राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में गर्मी ने तेजी से अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। अप्रैल के आखिरी सप्ताह में तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे कई जिलों में हीट वेव जैसी स्थिति बन गई है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। रांची में अधिकतम तापमान 38–39°C के आसपास बना हुआ है, जबकि डाल्टनगंज और जमशेदपुर में पारा 42–43°C के पार पहुंच चुका है।
अभी नियंत्रण में स्थिति
राहत की बात यह है कि फिलहाल अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के गंभीर मामले ज्यादा सामने नहीं आए हैं। Rajendra Institute of Medical Sciences (रिम्स) में डिहाइड्रेशन और गर्मी से थकान के कुछ मरीज जरूर पहुंच रहे हैं, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है।
सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार के अनुसार, ओपीडी में मरीजों की संख्या सामान्य है और गंभीर केस फिलहाल कम हैं।
पिछले अनुभव से सबक, इस बार पहले से तैयारी
2024 की भीषण गर्मी में राज्य में 1300 से अधिक लोग हीट से जुड़ी बीमारियों से प्रभावित हुए थे। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार स्वास्थ्य विभाग ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है और लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
अस्पतालों में विशेष इंतजाम
National Health Mission (NHM) के निर्देश पर सभी सरकारी अस्पतालों में हीट वेव से निपटने की तैयारी तेज कर दी गई है:
- ORS, IV फ्लूइड्स और जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक
- OPD में हीट स्ट्रोक से जुड़ी जांच अनिवार्य
- जरूरत पड़ने पर अलग हीट वार्ड की व्यवस्था
- जमशेदपुर सदर अस्पताल में 10 बेड का स्पेशल हीट वार्ड तैयार
कूलिंग सुविधा और स्टाफ ट्रेनिंग
अस्पतालों में वॉटर कूलर, पंखे और अन्य कूलिंग सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को हीट स्ट्रोक के त्वरित इलाज के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि इमरजेंसी में तुरंत कार्रवाई हो सके।
हेल्पलाइन और इमरजेंसी सेवाएं सक्रिय
हीट वेव से निपटने के लिए राज्य स्तर पर टोल-फ्री हेल्पलाइन 104 सक्रिय कर दी गई है। इसके साथ ही एंबुलेंस सेवाओं को भी अलर्ट पर रखा गया है, ताकि जरूरतमंदों तक तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
क्या करें, क्या न करें (जनहित में)
- दोपहर 12 से 3 बजे तक धूप में निकलने से बचें
- अधिक से अधिक पानी और ORS का सेवन करें
- हल्के और सूती कपड़े पहनें
- बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें
निष्कर्ष:
रांची समेत पूरे झारखंड में गर्मी का असर बढ़ रहा है, लेकिन राहत की बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग पहले से सतर्क है। अगर लोग सावधानी बरतें, तो हीट वेव के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।



