Giriraj Singh का विवादित बयान: ‘देश बांटने में पूर्वजों से गलती हुई’
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Ranchi: केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता Giriraj Singh ने हाल ही में एक बयान देकर राजनीतिक हलचल मचा दी है। उन्होंने कहा कि देश का विभाजन गलत तरीके से हुआ था और उस समय पूर्वजों ने गलती की थी कि उन्होंने सभी मुसलमानों को पाकिस्तान क्यों नहीं भेजा। गिरिराज सिंह ने यह बयान हिंदुओं को एकजुट करने की अपनी यात्रा की तैयारी के दौरान दिया।
Giriraj Singh का बयान
गिरिराज सिंह ने कहा, “जब देश का बंटवारा धर्म के आधार पर हुआ था, तब सारे मुसलमान पाकिस्तान चले जाने चाहिए थे। आज देश में लव जिहाद, लैंड जिहाद जैसी समस्याएं हैं, और यह समस्याएं तब नहीं होतीं यदि सभी मुसलमान पाकिस्तान चले गए होते।” उन्होंने आगे कहा कि आज हिंदू धर्म पर संकट आ रहा है, और हिंदुओं को अपने अधिकारों के लिए खड़ा होना पड़ेगा।
राहुल गांधी पर हमला
गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला और कहा कि राहुल गांधी को अपनी जाति तक नहीं पता। उन्होंने कई बार राहुल गांधी से उनके और उनके परिवार की जाति बताने की मांग की है, लेकिन उन्हें अब तक कोई जवाब नहीं मिला।
Giriraj Singh News: लव जिहाद और वोट जिहाद का मुद्दा
अपने बयान में गिरिराज सिंह ने ‘लव जिहाद’ और ‘वोट जिहाद’ का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह एक सोची-समझी साजिश है जिसमें मुसलमान लोग हिंदू लड़कियों को लव जिहाद के जरिए अपने जाल में फंसा रहे हैं। साथ ही उन्होंने ‘वोट जिहाद’ का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा कि मुसलमान वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं।
लालू यादव पर निशाना
गिरिराज सिंह ने लालू यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह केवल वोट की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने लालू यादव की मजार पर जाने की बात को भी कटाक्ष के रूप में उठाया और कहा कि उनकी हिंदू यात्रा नहीं, बल्कि वोट यात्रा है।
हिंदू स्वाभिमान यात्रा
गिरिराज सिंह ने घोषणा की है कि वह बिहार में हिंदुओं को जगाने के लिए यात्रा शुरू करने वाले हैं। उनकी यह यात्रा भागलपुर से शुरू होगी और बिहार के विभिन्न जिलों से गुजरते हुए किशनगंज तक जाएगी। गिरिराज सिंह ने कहा कि यह यात्रा किसी राजनीतिक पार्टी की नहीं है, बल्कि इसमें कई संगठन के लोग शामिल होंगे जो अपने को हिंदू कहते हैं।
सियासी गर्मी बढ़ी
गिरिराज सिंह के इस बयान से राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। उनका यह बयान न केवल सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा देता है, बल्कि इसे चुनावी राजनीति से भी जोड़ा जा रहा है।