झारखंड में Sarhul पर अब 2 दिन की सरकारी छुट्टी, सीएम हेमंत सोरेन का ऐलान

Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने Sarhul पर्व के अवसर पर झारखंड में दो दिन के राजकीय अवकाश की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि इस मांग को वर्षों से उठाया जा रहा था।

राजधानी रांची समेत पूरे झारखंड में मंगलवार को प्रकृति का त्योहार सरहुल पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस विशेष पर्व को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस मौके पर सिरमटोली स्थित सरनास्थल पर पूजा-अर्चना की। उन्होंने अपनी पत्नी एवं गांडेय विधायक कल्पना सोरेन के साथ पूरी विधि-विधान से वृक्ष की पूजा की।

इससे पहले, मुख्यमंत्री ने इसी वर्ष से सरहुल पर्व पर दो दिन का राजकीय अवकाश लागू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज लंबे समय से इसकी मांग कर रहा था। इस पर्व के महत्व को ध्यान में रखते हुए अब हर साल दो दिन का अवकाश रहेगा। उन्होंने झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक एवं पारंपरिक विरासत को सहेजने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

इस बीच, झारखंड सरकार केंद्र सरकार और केंद्रीय कोल कंपनियों से बकाया 1.36 लाख करोड़ रुपये की वसूली को लेकर सक्रिय हो गई है। राज्य सरकार का मानना है कि इस राशि के अलावा भी केंद्र पर कई विभागों का करोड़ों रुपये बकाया है, जिसमें पीएम आवास योजना, मनरेगा और नल-जल योजना जैसी योजनाएं शामिल हैं। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र से लंबित राशि की नई गणना शुरू कर दी है।

इस संबंध में, वित्त विभाग के सचिव प्रशांत कुमार ने 24 मार्च को राज्य सरकार के 12 विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिवों को पत्र भेजा। पत्र में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के उपक्रमों, सार्वजनिक और निजी संस्थानों पर राज्य के विभिन्न विभागों का बकाया राजस्व है, जिसे वसूलना आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे जल्द से जल्द बकाया राशि का आकलन कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

 

 

 

 

 

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