
पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मन्नान मल्लिक का निधन, 4 दिन पहले ही कोर्ट ने सुनाई थी 3 साल की सजा
रांची: झारखंड की राजनीति से सोमवार को एक दुखद खबर सामने आई। राज्य के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मन्नान मल्लिक का निधन हो गया। उन्होंने रांची स्थित पल्स हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज जारी था। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
लंबे समय तक कांग्रेस की राजनीति में रहे सक्रिय
मन्नान मल्लिक झारखंड कांग्रेस के वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे। वर्ष 2009 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने धनबाद विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली पहली गठबंधन सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया। उन्होंने लंबे समय तक धनबाद जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में भी संगठन को मजबूत करने का काम किया।
निधन से चार दिन पहले कोर्ट ने सुनाई थी सजा
मन्नान मल्लिक के निधन से ठीक चार दिन पहले धनबाद के चर्चित मटकुरिया गोलीकांड मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने फैसला सुनाया था। करीब 15 वर्ष पुराने इस मामले में अदालत ने मन्नान मल्लिक सहित 30 आरोपियों को दोषी करार देते हुए भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 147, 148, 353 और 435 के तहत अधिकतम तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी।
यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने सुनाया था। मामले में सभी दोषियों पर दंगा, सरकारी कार्य में बाधा डालने और आगजनी जैसे आरोप सिद्ध हुए थे।
राजनीतिक गलियारों में शोक
मन्नान मल्लिक के निधन पर कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। पार्टी नेताओं ने उनके निधन को झारखंड की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उनके समर्थकों और शुभचिंतकों ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की।



