
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को झारखंड मंत्रालय में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों और चालू वित्तीय वर्ष की योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने पर्यटन, खेल और संस्कृति के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने इको टूरिज्म के विकास, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना, खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएं और कलाकारों का डेटाबेस तैयार करने पर विशेष जोर दिया।
इको टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में इको टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं और इसे राज्य की प्राथमिकता बनाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अंडरग्राउंड कोल माइंस क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां पर्यटन विकसित करने की कार्ययोजना तैयार की जाए।
सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, लातेहार, हजारीबाग, रांची समेत अन्य जिलों में इको टूरिज्म स्थलों के विकास के निर्देश भी दिए गए।
पतरातू, नेतरहाट और लोध फॉल होंगे विकसित
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि—
- पतरातू व्यू पॉइंट के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए।
- पतरातू सहित अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर रोपवे की योजना तैयार की जाए।
- नेतरहाट में ग्लास ब्रिज या ग्लास वॉक टावर विकसित करने की योजना बनाई जाए।
- कोयल व्यू पॉइंट पर कॉटेज, ट्रैकिंग सुविधा और स्विमिंग पूल विकसित किए जाएं।
- लोध फॉल को इको टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जाए।
साथ ही झारखंड की नई पर्यटन नीति तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाने की तैयारी
खेल विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने झारखंड में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि—
- खिलाड़ियों का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाए।
- आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना बनाई जाए।
- मेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, खेलगांव की सुविधाओं का आधुनिकीकरण किया जाए।
- खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए दूसरे राज्यों के उत्कृष्ट खेल संस्थानों में एक्सपोजर विजिट कराई जाए।
12 हजार कलाकारों का होगा सत्यापन
कला एवं संस्कृति विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अब तक करीब 12 हजार कलाकारों का पंजीकरण किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने सभी कलाकारों का जिला स्तर पर सत्यापन कराने और उनका विस्तृत डेटाबेस तैयार करने का निर्देश दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड के कलाकारों को देश के प्रतिष्ठित स्कूल ऑफ फाइन आर्ट्स में एक्सपोजर विजिट कराई जाए तथा अन्य राज्यों के कलाकारों को भी झारखंड बुलाकर सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाए।
पर्यटन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन के विकास से राज्य की धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पहचान मजबूत होगी। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने अधिकारियों को सभी पर्यटन परियोजनाओं को तय समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विभागीय सचिव मुकेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



