ढाका: Bangladesh में लंबे समय से जारी राजनीतिक गतिरोध के बीच शुक्रवार को अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अगले आम चुनाव अप्रैल 2026 तक कराए जाएंगे।
পবিত্র ঈদুল আযহা উপলক্ষে জাতির উদ্দেশে দেয়া ভাষণে এ কথা বলেন প্রধান উপদেষ্টা প্রফেসর মুহাম্মদ ইউনূস। pic.twitter.com/TAruNIZXoX
— Chief Adviser of the Government of Bangladesh (@ChiefAdviserGoB) June 6, 2025
यह घोषणा ऐसे समय आई है जब बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) द्वारा दिसंबर 2025 तक चुनाव कराने की मांग को लेकर भारी प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
Bangladesh Election: यूनुस का राष्ट्र के नाम संबोधन
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्र के नाम अपने टेलीविज़न संबोधन में मोहम्मद यूनुस ने कहा:
“चुनाव को लेकर जनता और राजनीतिक दलों में काफी उत्सुकता है। चुनाव दिसंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच होंगे। निर्वाचन आयोग जल्द विस्तृत रूपरेखा पेश करेगा।“
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का प्राथमिक उद्देश्य एक विश्वसनीय और समावेशी चुनाव कराना है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार का राजनीतिक संकट टाला जा सके।
तीन लक्ष्य: सुधार, न्याय, चुनाव
यूनुस ने कहा कि मौजूदा अंतरिम सरकार तीन प्रमुख उद्देश्यों के लिए गठित की गई है:
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सुधार (Reforms)
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न्याय (Justice)
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चुनाव (Elections)
उन्होंने राजनीतिक दलों से परामर्श करने और चुनाव-संबंधी संस्थानों में सुशासन सुनिश्चित करने की बात कही। उनका कहना था कि बिना संस्थागत पारदर्शिता के छात्रों और नागरिकों के बलिदान व्यर्थ चले जाएंगे।
BNP का विरोध और दबाव
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28 मई को BNP ने राजधानी ढाका में बड़ी रैली निकाली थी।
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खालिदा जिया के नेतृत्व में पार्टी ने दिसंबर तक आम चुनाव कराने की मांग की।
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लंदन से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान ने कहा था कि
“तैयारियां तुरंत शुरू की जानी चाहिए और चुनाव दिसंबर तक निपटने चाहिए।“
कैसे बनी अंतरिम सरकार?
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अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग सरकार का पतन हुआ।
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उसके बाद मोहम्मद यूनुस को मुख्य सलाहकार के तौर पर अंतरिम सरकार का नेतृत्व सौंपा गया।
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उनके नेतृत्व में यह सरकार अब चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।
अंतरराष्ट्रीय नजरें बांग्लादेश पर
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बांग्लादेश का आगामी चुनाव क्षेत्रीय स्थिरता और लोकतंत्र की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
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भारत, अमेरिका और यूरोपीय संघ जैसे देश निष्पक्ष चुनाव की वकालत करते रहे हैं।
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यूनुस की यह घोषणा राजनीतिक तनाव को कुछ समय के लिए शांत कर सकती है, परंतु विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया अब देखने लायक होगी।
बांग्लादेश की राजनीति एक संवेदनशील दौर में प्रवेश कर चुकी है। अप्रैल 2026 तक चुनाव कराने की यूनुस की घोषणा से जहां सरकार को तैयारी का समय मिलेगा, वहीं BNP जैसे विपक्षी दलों की असहमति से आने वाले महीने राजनीतिक रूप से गर्म रह सकते हैं।
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