Deoghar News: देवघरवासियों को हेमंत सरकार का तोहफा: मिलेगा 300 बेड का नया अस्पताल, ट्रामा सेंटर भी होगा शुरू

देवघर के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार ने Deoghar में 300 बेड का नया अस्पताल बनाने और पुराने सदर अस्पताल को ट्रामा सेंटर के रूप में विकसित करने का ऐलान किया है।

यह जानकारी झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सदर अस्पताल के निरीक्षण के दौरान दी।

Deoghar News: तीर्थनगरी को मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा

मंत्री ने बताया कि चूंकि देवघर एक प्रमुख तीर्थ स्थल है, इसलिए यहां आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। वर्तमान में एक सौ बेड वाले सदर अस्पताल के अतिरिक्त, एक नया 300 बेड का आधुनिक अस्पताल बनाया जाएगा।

Deoghar news: पुराने सदर अस्पताल में ट्रामा सेंटर की मंजूरी

पुराने सदर अस्पताल, जो टावर चौक के पास स्थित है, को ट्रामा सेंटर में बदला जाएगा। यह मांग देवघर विधायक सुरेश पासवान ने विधानसभा में रखी थी, जिसे अब मंजूरी मिल चुकी है।

Deoghar news: निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताओं पर फोकस

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अस्पताल की पैथोलॉजी लैब का जायजा लिया, जिसे एसआरएल कंपनी संचालित कर रही है। मंत्री को कई खामियां नजर आईं — जैसे रजिस्टर न संधारित होना और दस्तावेज़ों की अनुपलब्धता। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं जांच के नाम पर सिर्फ पैसे की वसूली तो नहीं हो रही। इस पर सख्ती दिखाते हुए सिविल सर्जन को कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी करने और तीन घंटे में जवाब लेने का निर्देश दिया गया।

अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं का भी लिया जायजा

स्वास्थ्य मंत्री ने विभिन्न वार्ड, दवा वितरण केंद्र, भंडारण व्यवस्था, और साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से भी सीधा संवाद कर सुविधाओं की हकीकत जानी। निरीक्षण में सामने आई कमियों पर उन्होंने तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

लेबर वार्ड और पोस्टमार्टम हाउस में सुधार

मंत्री ने कहा कि लेबर वार्ड की व्यवस्था में जल्द सुधार किया जाएगा और बिचौलियों पर सख्ती से लगाम लगेगी। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी स्तर पर गड़बड़ी का प्रमाण मिला तो वरिष्ठ अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। साथ ही पोस्टमार्टम हाउस को हाइटेक बनाने की योजना की भी जानकारी दी।

एम्स पर भी जताई नाराज़गी

डॉ. अंसारी ने कहा कि देवघर एम्स में अब तक इमरजेंसी सेवा शुरू नहीं हुई है, जिससे सदर अस्पताल पर मरीजों का बोझ बढ़ गया है। एम्स में अभी केवल ओपीडी चालू है, जबकि ऑपरेशन जैसी ज़रूरी सेवाएं बंद हैं। उन्होंने जल्द ही एम्स का निरीक्षण करने की बात कही और चेतावनी दी कि यदि केवल खानापूर्ति हो रही है, तो प्रबंधन पर कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डॉ. युगल किशोर चौधरी, डीएस डॉ. प्रभात रंजन, डॉ. चित्तरंजन कुमार पंकज, डॉ. शरद कुमार, और डॉ. दिग्विजय भारद्वाज सहित कई अन्य डॉक्टर मौजूद थे।

देवघर के लिए यह निर्णय स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

 

 

 

 

 

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