5वीं अनुसूची राज्यों में जनसंख्या आधारित परिसीमन से घटेंगी आरक्षित सीटें: दिल्ली में Shilpi Neha Tirkey ने जताई चिंता

New Delhi: झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री श्रीमती Shilpi Neha Tirkey ने दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यशाला में कहा कि यदि 5वीं अनुसूची वाले राज्यों में परिसीमन की प्रक्रिया जनसंख्या को आधार बनाकर की गई, तो इससे आदिवासी समाज को आरक्षण में नुकसान होगा।

उन्होंने चेताया कि इससे आरक्षित सीटों की संख्या घटेगी, जो आदिवासी सुरक्षा और संरक्षण के सिद्धांतों के खिलाफ है।

जातीय जनगणना और आदिवासी समाज की चुनौतियों पर मंथन: Shilpi Neha Tirkey

“जातीय जनगणना से देश के आदिवासी समाज पर पड़ने वाले प्रभाव, चुनौतियां और समाधान” विषय पर आयोजित इस राष्ट्रिय कांग्रेस कार्यशाला में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी विशेष रूप से संबोधित किया। इसमें देशभर से आए कांग्रेस प्रवक्ताओं ने हिस्सा लिया।

मूल बातें जो Shilpi Neha Tirkey ने उठाईं:

Shilpi Neha Tirkey का दो टूक संदेश

“जब देश के किसी कोने में किसी आदिवासी पर हमला होता है, तो यह सिर्फ एक राज्य की नहीं, पूरे आदिवासी समाज की पीड़ा बन जाती है। हमारी सांस्कृतिक एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है।”

 

 

 

 

 

 

यह भी पढ़े: Rohit Sharma लेना चाहते थे MS धोनी जैसा विदाई, BCCI ने नहीं दी इजाजत — टेस्ट क्रिकेट से अचानक संन्यास

Exit mobile version