“दिल्ली रवाना हुए CM हेमंत सोरेन: सरना कोड की मांग के साथ राष्ट्रीय सियासत पर नजर”
रांची | 3 मई 2026
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रविवार दोपहर विशेष विमान से दिल्ली रवाना हो गए। आधिकारिक तौर पर इस दौरे का मकसद ‘सरना धर्म कोड’ की मांग को केंद्र सरकार के समक्ष उठाना बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे कहीं अधिक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
सरना धर्म कोड पर दबाव बनाने की कोशिश
दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि वे जनगणना में ‘सरना धर्म कोड’ को शामिल कराने की मांग को लेकर राष्ट्रपति और केंद्रीय नेताओं से मुलाकात करेंगे। यह मुद्दा झारखंड विधानसभा से पारित होने के बावजूद अब तक केंद्र स्तर पर लंबित है। ऐसे में सोरेन इस दौरे के जरिए इसे फिर से राष्ट्रीय एजेंडा में लाने की कोशिश कर रहे हैं।
चुनावी नतीजों के बीच सियासी सक्रियता
मुख्यमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब देश के पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे आने वाले हैं। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में उनकी मौजूदगी विपक्षी दलों के साथ संभावित रणनीतिक बैठकों की ओर भी इशारा करती है। झारखंड में JMM-कांग्रेस गठबंधन की मजबूती के बीच, सोरेन राष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका को और विस्तार देने की कोशिश में हैं।
‘एक तीर, दो निशाने’ की रणनीति
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा सोरेन के लिए ‘एक तीर से दो निशाने’ जैसा है। एक ओर वे आदिवासी समाज के प्रमुख मुद्दे ‘सरना कोड’ को लेकर अपने कोर वोट बैंक को संदेश दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं।
5 मई को वापसी संभावित
मुख्यमंत्री के 5 मई को रांची लौटने की संभावना है। तब तक दिल्ली में उनकी बैठकों और चुनावी नतीजों के बाद बनने वाले नए राजनीतिक समीकरणों पर सबकी नजर बनी रहेगी।
निष्कर्ष
हेमंत सोरेन का यह दिल्ली दौरा केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि झारखंड की राजनीति से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक असर डालने वाला कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि सरना कोड और चुनावी समीकरणों पर इस दौरे का क्या असर पड़ता है।


