Patna: CM Nitish Kumar ने 15 अगस्त, 2025 को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा फहराया और प्रदेशवासियों को संबोधित किया।
अपने संबोधन में, उन्होंने कहा कि 2005 में उनकी सरकार बनने के बाद सबसे पहली प्राथमिकता कानून-व्यवस्था को ठीक करना था। उन्होंने बताया कि पुलिस बल की संख्या 2005 में 42,481 से बढ़कर 2025 में 1 लाख 31 हजार हो गई है, और नियुक्तियाँ तेजी से जारी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हत्या, डकैती, लूट और फिरौती की घटनाओं में काफी कमी आई है।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रगति: CM Nitish Kumar
मुख्यमंत्री ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए कार्यों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में नए स्कूल खोले गए हैं और शिक्षकों की कमी को पूरा किया गया है। 2023 से बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा 2 लाख 58 हजार सरकारी शिक्षकों की बहाली की गई है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में, उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है और मेडिकल कॉलेजों की संख्या 6 से बढ़कर 12 हो गई है। 21 जिलों में नए मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं।
विकास कार्य और कल्याणकारी योजनाएं: CM Nitish Kumar
नीतीश कुमार ने कहा कि सड़कों और पुलों का जाल बिछाया गया है, जिससे राज्य के सुदूर क्षेत्रों से पटना तक पहुँचने का समय कम हुआ है। उन्होंने ‘सात निश्चय-1’ के तहत बिजली, हर घर नल का जल, और हर घर शौचालय जैसी योजनाओं की सफलता पर बात की। ‘सात निश्चय-2’ के तहत ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट और हर खेत तक सिंचाई के पानी जैसी योजनाओं पर काम चल रहा है।
नौकरी, रोजगार और महिला सशक्तिकरण: CM Nitish Kumar
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार का लक्ष्य 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देना है। उन्होंने दावा किया कि अब तक लगभग 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और 39 लाख लोगों को रोजगार दिया जा चुका है। महिला सशक्तिकरण के लिए पंचायती राज, नगर निकायों और पुलिस में 50% और 35% आरक्षण दिया गया है, जिसके परिणामस्वरूप बिहार पुलिस में महिलाओं की संख्या देश में सबसे अधिक है। ‘जीविका’ समूह से 1 करोड़ 40 लाख ‘जीविका दीदियाँ’ जुड़ी हैं।
अन्य घोषणाएं और भविष्य की योजनाएं
मुख्यमंत्री ने नई घोषणाएं करते हुए बताया कि प्रारंभिक प्रतियोगी परीक्षाओं का शुल्क घटाकर मात्र 100 रुपये कर दिया जाएगा और मुख्य परीक्षा में कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। नए उद्योग लगाने वालों को विशेष सहायता और मुफ्त जमीन दी जाएगी। सभी पंचायतों में विवाह भवन का निर्माण कराया जाएगा और पेंशन की राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दी गई है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा बिहार को मिल रहे सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।
