
झारखंड के छात्रों की छात्रवृत्ति बढ़ाने के लिए CM हेमंत सोरेन ने PM मोदी को लिखा पत्र, केंद्र से फंड बढ़ाने की मांग
Ranchi: झारखंड के विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री ने राज्य के मेधावी और जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए केंद्र से मिलने वाली छात्रवृत्ति राशि और आवंटन बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने पत्र में प्री-मैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक और अल्पसंख्यक विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति का मुद्दा उठाते हुए केंद्र से पर्याप्त वित्तीय सहयोग देने का आग्रह किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में बड़ी संख्या में ऐसे विद्यार्थी हैं, जिनकी पढ़ाई छात्रवृत्ति पर निर्भर है। ऐसे में राज्य की मांग की तुलना में केंद्र से कम राशि मिलने का सीधा असर गरीब और जरूरतमंद विद्यार्थियों की शिक्षा पर पड़ सकता है।
प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति: ₹66.14 करोड़ की मांग, मिले ₹12.61 करोड़
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में छात्रवृत्ति से जुड़े आंकड़ों का उल्लेख किया है। इसके मुताबिक वित्तीय वर्ष 2024-25 में झारखंड सरकार ने प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए केंद्र से ₹66.14 करोड़ की मांग की थी, जबकि केंद्र से ₹12.61 करोड़ प्राप्त हुए।
वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य ने ₹45.91 करोड़ की मांग की, जिसके मुकाबले ₹3.95 करोड़ मिलने की बात पत्र में कही गई है।
मुख्यमंत्री ने इस अंतर को लेकर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से छात्रवृत्ति के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराने की मांग की है।
पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति में भी फंड बढ़ाने की मांग
उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति को लेकर भी मुख्यमंत्री ने केंद्र का ध्यान आकर्षित किया है।
पत्र में दिए आंकड़ों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2024-25 में झारखंड की ओर से ₹353.21 करोड़ की मांग की गई थी, जबकि केंद्र से ₹33.57 करोड़ जारी किए गए।
इसी तरह वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य की मांग ₹370.87 करोड़ रही, जिसके मुकाबले केंद्र से ₹58.22 करोड़ मिलने का उल्लेख किया गया है।
नेशनल एलोकेशन को बताया जरूरत के मुकाबले कम
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पत्र में नेशनल एलोकेशन का मुद्दा भी उठाया है। उनके अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में झारखंड के लिए ₹23.78 करोड़ और 2025-26 में ₹32.70 करोड़ का नेशनल एलोकेशन स्वीकृत किया गया।
मुख्यमंत्री का कहना है कि झारखंड की सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों तथा बड़ी संख्या में जरूरतमंद विद्यार्थियों को देखते हुए यह राशि पर्याप्त नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस आवंटन को बढ़ाने की मांग की है।
अल्पसंख्यक विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति का भी उठाया मुद्दा
मुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति का मुद्दा भी प्रधानमंत्री के सामने रखा। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2021-22 के बाद से इस मद में केंद्र की ओर से झारखंड को राशि जारी नहीं की गई है।
हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार से इस छात्रवृत्ति सहायता को फिर से शुरू करने का आग्रह किया, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
PM मोदी से हस्तक्षेप की मांग
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मामले में हस्तक्षेप करते हुए झारखंड के लिए छात्रवृत्ति आवंटन बढ़ाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण किसी भी जरूरतमंद विद्यार्थी की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री का कहना है कि शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच पर्याप्त वित्तीय सहयोग जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार झारखंड के विद्यार्थियों की जरूरतों को देखते हुए छात्रवृत्ति मद में राशि बढ़ाने पर सकारात्मक निर्णय लेगी।



