
पेंशन कटौती में मनमानी पर झारखंड सरकार सख्त, नई SOP जारी; कोर्ट के आदेश पर तुरंत जमा करनी होगी राशि
Ranchi: झारखंड सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के बाद लगाई जाने वाली पेंशन कटौती को लेकर बड़ा कदम उठाया है। वित्त विभाग ने पेंशन कटौती के आदेशों के क्रियान्वयन और इससे जुड़े अदालती मामलों के समयबद्ध निपटारे के लिए दो नई मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOP) जारी की हैं।
नई व्यवस्था का उद्देश्य विभागीय दंड के बाद पेंशन कटौती के आदेश को समय पर लागू करना और न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों का तय समय-सीमा के भीतर अनुपालन सुनिश्चित करना है।
पेंशन कटौती के लिए दो नई SOP
वित्त विभाग के संज्ञान में ऐसे मामले आए थे, जिनमें लंबी विभागीय कार्यवाही पूरी होने और संबंधित कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ पेंशन कटौती का दंड निर्धारित होने के बावजूद आदेश का समय पर क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा था।
प्रशासनिक और प्रक्रियागत देरी के कारण कई मामलों में पेंशन से निर्धारित राशि की कटौती समय पर शुरू नहीं हो पाती थी। इसे देखते हुए वित्त विभाग ने पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट और समयबद्ध बनाने के लिए SOP तैयार की है।
अब संबंधित विभागों को पेंशन कटौती का आदेश जारी होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार तत्काल कार्रवाई करनी होगी।
कोर्ट के आदेश के अनुपालन में नहीं चलेगी देरी
दूसरी SOP पेंशन कटौती से जुड़े अदालती मामलों के लिए तैयार की गई है। कई बार संबंधित कर्मचारी पेंशन कटौती के आदेश को झारखंड हाईकोर्ट या अन्य सक्षम न्यायालय में चुनौती देते हैं।
ऐसे मामलों में यदि अदालत पेंशन से काटी गई राशि को न्यायालय में जमा करने या किसी अन्य प्रकार का अंतरिम निर्देश देती है, तो संबंधित विभाग को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उसका अनुपालन सुनिश्चित करना होगा।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि फाइलों के आवागमन, विभागीय पत्राचार या अन्य प्रशासनिक औपचारिकताओं के कारण न्यायालय के आदेश के अनुपालन में देरी न हो।
विभागीय दंड के बाद लागू करनी होगी पेंशन कटौती
नई व्यवस्था के बाद विभागीय कार्यवाही में पेंशन कटौती का दंड मिलने पर संबंधित विभागों की जिम्मेदारी और बढ़ जाएगी। आदेश जारी होने के बाद केवल कागजी प्रक्रिया पूरी करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि पेंशन में निर्धारित कटौती वास्तव में लागू हुई या नहीं, यह भी सुनिश्चित करना होगा।
इससे विभागीय कार्रवाई के बाद दंडात्मक आदेशों के क्रियान्वयन में जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।
सभी विभागों को भेजी गई SOP
झारखंड सरकार के अवर सचिव सुरेन्द्र कुमार सुमन की ओर से राज्य के सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिवों को दोनों SOP की प्रतियां भेज दी गई हैं।
विभागों को नई मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार पेंशन कटौती और उससे जुड़े न्यायिक मामलों में कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
नई SOP लागू होने के बाद सरकार को उम्मीद है कि पेंशन कटौती के आदेशों के क्रियान्वयन में होने वाली अनावश्यक देरी कम होगी और अदालतों द्वारा जारी आदेशों का भी समय पर अनुपालन किया जा सकेगा।



