
वेब के लिए खबर को थोड़ा अधिक स्पष्ट और कानूनी रूप से सावधानीपूर्वक इस तरह लिखा जा सकता है। उपलब्ध रिपोर्टों में 30 सितंबर को चार्ज फ्रेमिंग की सुनवाई तय होने की पुष्टि है; आपके दिए अपडेट के अनुसार चार्ज फ्रेम हो चुका है। (The Times of India)
हेमंत सोरेन के खिलाफ PMLA की धारा 3 और 4 के तहत चार्ज फ्रेम, बड़गाईं जमीन मामले में ट्रायल का रास्ता साफ
रांची: बड़गाईं जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ रांची की विशेष PMLA अदालत ने आरोप तय (चार्ज फ्रेम) कर दिए हैं। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश हुए।
अदालत ने मामले में PMLA की धारा 3 और 4 के तहत आरोप तय किए हैं। चार्ज फ्रेम होने के बाद अब मामले में ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता खुल गया है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए हेमंत सोरेन
बुधवार को सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विशेष PMLA अदालत के समक्ष उपस्थित हुए। इससे पहले अदालत ने मामले में आरोप गठन की प्रक्रिया के लिए 30 सितंबर की तारीख तय की थी।
मामला रांची के बड़गाईं क्षेत्र की करीब 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और उससे संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से जुड़ा है।
PMLA की धारा 3 और 4 में क्या है?
PMLA की धारा 3 मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध की परिभाषा से संबंधित है, जबकि धारा 4 मनी लॉन्ड्रिंग के लिए सजा का प्रावधान करती है।
चार्ज फ्रेम होना अदालत द्वारा आरोपों पर अंतिम दोषसिद्धि नहीं है। मुकदमे के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष को अपना-अपना पक्ष रखने तथा साक्ष्यों पर बहस करने का अवसर मिलेगा।
हाईकोर्ट में भी चल रही है कानूनी प्रक्रिया
चार्ज फ्रेमिंग की प्रक्रिया को चुनौती देते हुए हेमंत सोरेन की ओर से झारखंड हाईकोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई है। इससे पहले हाईकोर्ट में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की गई थी। उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड के अनुसार, आगे की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग को स्वीकार नहीं किया गया था।
8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है मामला
ED की जांच के अनुसार मामला रांची के बड़गाईं इलाके में करीब 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित अवैध अधिग्रहण और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है। विशेष PMLA अदालत में हेमंत सोरेन समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही चल रही है।
इस मामले में इससे पहले कई अन्य आरोपियों के खिलाफ भी आरोप तय किए जा चुके हैं। सभी आरोपियों को अदालत में अपना बचाव करने का अवसर मिलेगा।
अब चार्ज फ्रेम होने के बाद मामले की अगली कानूनी प्रक्रिया ट्रायल के स्तर पर आगे बढ़ेगी।



