रांची: झारखंड में मनरेगा (अब प्रस्तावित नाम ‘विकसित भारत जी राम जी योजना’) को लेकर सियासत तेज हो गई है। BJP प्रदेश अध्यक्ष Aditya Sahu ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि योजना में व्यापक स्तर पर गड़बड़ियां और भ्रष्टाचार हो रहा है।
“योजना बनी लूट का जरिया” – BJP
भाजपा का आरोप है कि
- फर्जी मास्टर रोल और एमबी (मेजरमेंट बुक) के जरिए भुगतान
- काम बंद होने के बावजूद मजदूरी का भुगतान
- अधिकारियों की मिलीभगत से घोटाले
आदित्य साहू ने कोडरमा जिले के मरकच्चो प्रखंड के पूरनानगर पंचायत का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा सामने आया है।
अलग-अलग जिलों के मामलों का जिक्र: BJP
भाजपा नेता ने दावा किया कि यह सिर्फ एक मामला नहीं है, बल्कि कई जिलों में ऐसी गड़बड़ियां सामने आई हैं
- चतरा के सिमरिया और प्रतापपुर
- जामताड़ा में कथित फर्जी मजदूरी
- साहेबगंज में मृत व्यक्ति के नाम पर भुगतान
इन उदाहरणों के जरिए सरकार पर “सिस्टमेटिक भ्रष्टाचार” का आरोप लगाया गया।
नाम बदलने पर भी विवाद: BJP
केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को ‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ नाम देने के प्रस्ताव पर भी बयान आया।
- भाजपा ने इसे सुधार और पारदर्शिता का कदम बताया
- वहीं राज्य सरकार द्वारा विरोध को “राजनीतिक” बताया गया
सरकार की नीति पर सवाल
भाजपा का कहना है कि
- राज्य सरकार कार्रवाई का केवल दिखावा करती है
- भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए जा रहे
- जवाबदेही तय नहीं हो रही
सियासी मायने क्या हैं?
यह मुद्दा कई कारणों से अहम है
- मनरेगा ग्रामीण रोजगार की सबसे बड़ी योजना है
- सीधे गरीब और मजदूर वर्ग से जुड़ा विषय
- आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है
मनरेगा/जी राम जी योजना को लेकर भाजपा और राज्य सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। एक तरफ भ्रष्टाचार के आरोप हैं, तो दूसरी तरफ पारदर्शिता और सुधार की बात। अब देखने वाली बात यह होगी कि इन आरोपों पर सरकार क्या ठोस कदम उठाती हैI



