किसानों के मुद्दे पर BJP का बड़ा आंदोलन, 15 से 20 मई तक सभी प्रखंड मुख्यालयों में धरना
Ranchi: Bharatiya Janata Party ने झारखंड में किसानों के मुद्दों को लेकर बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Aditya Prasad Sahu ने घोषणा की है कि 15 मई से 20 मई तक राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों में एकदिवसीय धरना कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
भाजपा का आरोप है कि Hemant Soren सरकार ने किसानों से किए गए चुनावी वादे पूरे नहीं किए और राज्य की महागठबंधन सरकार किसान विरोधी नीतियों पर काम कर रही है।
“किसानों से वादाखिलाफी कर रही सरकार”
आदित्य साहू ने कहा कि चुनाव से पहले झामुमो और कांग्रेस ने किसानों को कई बड़े वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार उन्हें भूल गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों को 3200 रुपए प्रति क्विंटल MSP, कृषि कार्य के लिए मुफ्त बिजली, सस्ती दरों पर खाद-बीज और कृषि उपकरण उपलब्ध कराने जैसे वादे पूरे नहीं किए।
खाद की कालाबाजारी का आरोप
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में खाद की कालाबाजारी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 266 रुपए की यूरिया की बोरी 550 से 800 रुपए तक बेची जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि पीडीएस के नमक तक की कालाबाजारी की शिकायतें सामने आ रही हैं।
“मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना बंद की गई”
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना को बंद कर दिया गया। साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में भी बाधाएं खड़ी की गईं।
उन्होंने कहा कि भाजपा धरना कार्यक्रम के जरिए सरकार के “किसान विरोधी चेहरे” को जनता के सामने लाएगी।
ओलावृष्टि और बारिश से फसल बर्बाद
भाजपा ने बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को हुए नुकसान का मुद्दा भी उठाया।
आदित्य साहू ने कहा कि रांची समेत कई जिलों में तरबूज, खीरा, ककड़ी और सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। कई किसानों को लाखों रुपए का नुकसान झेलना पड़ा है।
उन्होंने राज्य सरकार से तत्काल सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की।
“कर्ज लेकर खेती करने वाले किसानों की टूटी उम्मीद”
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में कई किसान कर्ज लेकर खेती करते हैं और अच्छी पैदावार की उम्मीद में मेहनत करते हैं, लेकिन ओलावृष्टि ने उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया है।
उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेकर जल्द राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए।
क्षतिग्रस्त घरों के लिए भी राहत की मांग
आदित्य साहू ने कहा कि कई इलाकों में गरीब परिवारों के घर भी बारिश और ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त हुए हैं। मानसून आने से पहले सरकार को ऐसे परिवारों के लिए राहत और पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए।
