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24 अप्रैल को बहुमत साबित करेंगे CM सम्राट, नीतीश से मुलाकात के बाद बढ़ी सियासी हलचल

बिहार में शक्ति परीक्षण 24 अप्रैल को, सम्राट-नीतीश मुलाकात से तेज हुई राजनीति

24 अप्रैल को बहुमत साबित करेंगे सीएम सम्राट, नीतीश से मुलाकात के बाद सियासत तेज

पटना: बिहार की राजनीति में तेज हलचल के बीच मुख्यमंत्री Samrat Choudhary 24 अप्रैल को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करेंगे। इसके लिए विशेष सत्र बुलाया गया है, जहां वे विश्वास मत पेश करेंगे। नई सरकार के गठन के बाद यह पहला बड़ा शक्ति परीक्षण होगा।

इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने पटना स्थित 5 देशरत्न मार्ग पर सीएम सम्राट से मुलाकात की। करीब 20 मिनट चली इस बैठक में राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच सहज माहौल देखने को मिला—सम्राट ने जहां नीतीश को प्रणाम किया, वहीं नीतीश मुस्कुराते हुए उनके कंधे पर हाथ रखते नजर आए।

लोगों से मुलाकात, भावुक पल भी आए सामने

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने आवास पर आम लोगों से भी मिलते दिखे। इसी दौरान एक युवक ने उन्हें अयोध्या के भगवान श्रीराम की तस्वीर भेंट की, जिसे उन्होंने सम्मानपूर्वक स्वीकार करते हुए प्रणाम किया। वहीं एक बुजुर्ग दंपती मदद की गुहार लेकर पहुंचे, जिन्हें सीएम ने हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।

शराबबंदी पर सरकार का रुख साफ

नई सरकार बनने के बाद शराबबंदी खत्म करने की मांग तेज हो रही है, लेकिन सीएम सम्राट ने साफ कर दिया है कि बिहार में शराबबंदी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि यह फैसला Narendra Modi द्वारा भी सराहा जा चुका है, इसलिए इसमें बदलाव का कोई सवाल नहीं है।

हालांकि, कुछ नेताओं ने इस पर पुनर्विचार की मांग की है। मोकामा विधायक अनंत सिंह ने कहा कि शराबबंदी के बावजूद लोग अवैध रूप से शराब का सेवन कर रहे हैं, जिससे गलत गतिविधियां बढ़ रही हैं। वहीं कुछ अन्य नेताओं ने राजस्व नुकसान का भी मुद्दा उठाया है।

मंत्रिमंडल विस्तार पर भी संकेत

सीएम सम्राट ने Nishant Kumar के संभावित मंत्रिमंडल में शामिल होने को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि निशांत सरकार में आते हैं तो उन्हें खुशी होगी, लेकिन यह पूरी तरह से नीतीश कुमार और निशांत का व्यक्तिगत फैसला है।

आगे की रणनीति

मुख्यमंत्री आज सचिवालय में अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और सरकारी कामकाज की समीक्षा करेंगे। वहीं 24 अप्रैल को होने वाला विश्वास मत यह तय करेगा कि नई सरकार सदन में कितनी मजबूत है।

बिहार की राजनीति फिलहाल बेहद दिलचस्प मोड़ पर है—अब सबकी नजरें विधानसभा के विशेष सत्र पर टिकी हैं, जहां सत्ता का असली गणित सामने आएगा

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