आंबेडकर अपमान प्रकरण: Prashant Kishor ने राहुल गांधी को दी चुनौती, कहा – हिम्मत है तो लालू यादव का करें विरोध

मुजफ्फरपुर: Prashant Kishor : बिहार में जारी सियासी हलचल के बीच जन सुराज के संयोजक प्रशांत किशोर ने एक बार फिर तीखा हमला बोला है।

मुजफ्फरपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी पर आंबेडकर के कथित अपमान को लेकर सवाल उठाए और खुली चुनौती दी। प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर राहुल गांधी में हिम्मत है, तो राजद प्रमुख लालू यादव के खिलाफ बयान देकर दिखाएं।

उन्होंने कहा कि “लालू यादव ने बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की तस्वीर के सामने पैर रखकर उनका अपमान किया। राहुल गांधी ‘डरो मत’ का नारा लगाते हैं, लेकिन क्या वे इस अपमान पर कुछ कहेंगे?” प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब स्वतंत्र पार्टी नहीं रही, बल्कि बिहार में राजद की पिछलग्गू बनकर रह गई है। उन्होंने कहा कि यह पार्टी पिछले 30 वर्षों से लालू यादव का झोला ढोती आ रही है, और अब वही काम तेजस्वी यादव के लिए कर रही है।

Prashant Kishor का कांग्रेस पर हमला: “बिहार में नहीं बची हैसियत”

प्रशांत किशोर ने कांग्रेस की बिहार में स्थिति को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि “यह पार्टी अपने दम पर बिहार में चुनाव नहीं लड़ सकती। जब ताकत नहीं है, तो नैतिकता के नाम पर कम से कम गलत का समर्थन तो न करें।”

Prashant Kishor: तेलंगाना के मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर तीखा सवाल

प्रशांत किशोर ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री की उस कथित टिप्पणी को भी उठाया जिसमें कहा गया कि “बिहारियों के जीन में मजदूरी है।” उन्होंने राहुल गांधी से पूछा कि अगर वे बिहारियों की इतनी चिंता करते हैं, तो इस अपमानजनक बयान पर चुप क्यों हैं? “अगर बिहारियों को मजदूरी करने के लिए ही पैदा किया गया है, तो फिर आप वोट मांगने बिहार क्यों आते हैं?” – पीके ने सवाल दागा।

Prashant Kishor News: दलित राजनीति पर भी साधा निशाना

प्रशांत किशोर ने जदयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री अशोक चौधरी और सांसद शांभवी चौधरी पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि इन नेताओं को दलित समाज के बच्चों की शिक्षा के लिए किए गए कार्यों का हिसाब देना चाहिए। “ये नेता सिर्फ दलित पहचान का उपयोग कर राजनीति में अपने परिवार को आगे बढ़ा रहे हैं,” उन्होंने आरोप लगाया।

‘बिहार बदलाव यात्रा’ के तहत जन संवाद

प्रशांत किशोर इन दिनों अपनी ‘बिहार बदलाव यात्रा’ के तहत लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं। उनका उद्देश्य है बिहार में एक वैकल्पिक और जिम्मेदार राजनीतिक विकल्प खड़ा करना। इस दौरान वे आम लोगों से संवाद कर रहे हैं और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रख रहे हैं।

मुख्य बातें:

 

 

 

 

 

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