
चांडिल डैम को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने की तैयारी, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को दिए निर्देश
परिजनों के साथ चांडिल डैम पहुंचे मुख्यमंत्री, इको-टूरिज्म, बोटिंग, पर्यटकों की सुरक्षा और स्थानीय रोजगार बढ़ाने पर दिया जोर
चांडिल। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को परिजनों के साथ सरायकेला-खरसावां जिले के प्रसिद्ध चांडिल डैम का भ्रमण किया। इस दौरान वे डैम की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण से अभिभूत नजर आए। मुख्यमंत्री ने चांडिल डैम को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई और जिले के उपायुक्त को पर्यटन संवर्धन के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री धातकीडीह जाने के क्रम में चांडिल डैम पहुंचे थे। भ्रमण के दौरान उन्होंने सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त के साथ डैम के विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने चांडिल डैम के बहुआयामी विकास, पर्यटन संवर्धन, जल प्रबंधन, चांडिल परियोजना के कार्यों में तेजी लाने तथा बिजली उत्पादन एवं संवर्धन से संबंधित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
इको-टूरिज्म से स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि चांडिल डैम में इको-टूरिज्म की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यहां आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा, बुनियादी सुविधाओं और नौकायन यानी बोटिंग की व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
पर्यावरण को ध्यान में रखकर बनेगा विकास का ब्लूप्रिंट
मुख्यमंत्री ने चांडिल डैम और आसपास के क्षेत्र के समग्र विकास के लिए दीर्घकालिक और पर्यावरण-अनुकूल ब्लूप्रिंट तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का विकास इस तरह किया जाना चाहिए, जिससे प्राकृतिक पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना पर्यटन सुविधाओं का विस्तार हो सके।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी एवं विधायक कल्पना सोरेन, विधायक सविता महतो, विधायक सोमेश चंद्र सोरेन, कोल्हान प्रमंडल के आयुक्त रविरंजन कुमार विक्रम, सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह, चांडिल के एसडीएम नितिन शिवम गुप्ता सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।



