CBSE Tribal Pride Fortnight 2026: स्कूलों में 15 दिन तक होंगे जनजातीय गौरव के कार्यक्रम
CBSE ने 1 से 15 नवंबर 2026 तक स्कूलों में जनजातीय गौरव पखवाड़ा आयोजित करने का निर्देश दिया है। विद्यार्थी बिरसा मुंडा सहित जनजातीय नायकों के इतिहास, संस्कृति और संघर्षों से रूबरू होंगे।

बिरसा मुंडा की विरासत से रूबरू होंगे विद्यार्थी, CBSE स्कूलों में 15 दिन तक चलेगा जनजातीय गौरव पखवाड़ा
रांची: जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने पहल की है। बोर्ड ने अपने संबद्ध विद्यालयों को 1 से 15 नवंबर 2026 तक जनजातीय गौरव पखवाड़ा आयोजित करने का निर्देश दिया है। इस दौरान विद्यार्थियों को जनजातीय नायकों के जीवन, संघर्ष और परंपराओं को जानने का अवसर मिलेगा। पखवाड़े का समापन 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन के साथ होगा।
CBSE ने स्कूलों को ऐसी गतिविधियां आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित किया है, जिनसे विद्यार्थियों में जनजातीय समाज के प्रति समझ और सम्मान विकसित हो। इसके तहत निबंध, भाषण, कविता, कहानी लेखन और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की जा सकती हैं। इसके अलावा जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन और ऐतिहासिक संघर्षों पर आधारित प्रश्नोत्तरी भी कराई जा सकती है।
इन गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को उन जनजातीय नायकों के योगदान से परिचित कराया जाएगा, जिन्होंने देश की आजादी और सामाजिक चेतना के इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कला, संगीत और परंपराओं से भी जुड़ेंगे विद्यार्थी
जनजातीय संस्कृति को करीब से समझाने के लिए CBSE ने विद्यालयों में संगीत, लोकनृत्य और हस्तशिल्प से जुड़े कार्यक्रमों तथा कार्यशालाओं का सुझाव दिया है। स्कूल स्थानीय जनजातीय कलाकारों और समुदाय के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित कर सकते हैं।
कलाकारों और समुदाय के प्रतिनिधियों के अनुभवों एवं प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न जनजातीय समुदायों की जीवनशैली, लोककला और परंपराओं को समझने का अवसर मिलेगा।
बिरसा मुंडा की जयंती पर होंगे विशेष आयोजन
15 नवंबर को मनाया जाने वाला जनजातीय गौरव दिवस भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को समर्पित है। ब्रिटिश शासन के खिलाफ उनके संघर्ष और जनजातीय समुदायों को संगठित करने में उनकी भूमिका ने उन्हें भारतीय इतिहास में विशिष्ट स्थान दिलाया है।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2021 में बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। CBSE ने विद्यालयों को इस अवसर पर बिरसा मुंडा सहित देश के अन्य जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करने को कहा है।
स्कूलों में उनके जीवन, विचारों और संघर्षों पर चर्चा के साथ विद्यार्थियों की ओर से प्रस्तुतियां भी कराई जा सकती हैं।
झारखंड के लिए दोहरे महत्व का दिन
15 नवंबर झारखंड की पहचान और इतिहास से भी गहराई से जुड़ा है। वर्ष 2000 में इसी तारीख को बिहार से अलग होकर झारखंड देश का 28वां राज्य बना था। ऐसे में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती और राज्य स्थापना दिवस एक ही दिन होने से इस अवसर का महत्व और बढ़ जाता है।
जनजातीय गौरव पखवाड़े के माध्यम से विद्यार्थियों को झारखंड की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, जनजातीय विरासत और स्वतंत्रता आंदोलन में स्थानीय नायकों की भूमिका को समझने का अवसर मिलेगा।
गतिविधियों का ब्योरा पोर्टल पर करना होगा साझा
CBSE ने विद्यालयों को पखवाड़े के दौरान आयोजित कार्यक्रमों की तस्वीरें, वीडियो और संक्षिप्त रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश भी दिया है। स्कूलों को इन गतिविधियों का विवरण निर्धारित पोर्टल पर साझा करना होगा।
बोर्ड ने विद्यालयों से अधिक से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि जनजातीय गौरव पखवाड़े का उद्देश्य व्यापक स्तर पर पूरा हो सके।



