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हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन पंचतत्व में विलीन, अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब

रामगढ़: पंचतत्व में विलीन हुईं CM हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन, नेमरा में संथाली रीति-रिवाज से अंतिम विदाई

रामगढ़: पंचतत्व में विलीन हुईं CM हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन, नेमरा में संथाली रीति-रिवाज से अंतिम विदाई

Ramgarh: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन गुरुवार शाम पंचतत्व में विलीन हो गईं। उनके पैतृक गांव नेमरा में संथाली परंपरा और रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की गईं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी मां को अंतिम विदाई दी।

नेमरा स्थित आवास पर धार्मिक रस्में पूरी होने के बाद रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर को अंतिम यात्रा के लिए ढेकानाला घाट ले जाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। इसी स्थल पर पिछले वर्ष दिशोम गुरु शिबू सोरेन का भी अंतिम संस्कार किया गया था।

अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़

रूपी सोरेन की अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए झारखंड के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग नेमरा पहुंचे।

भीड़ और वाहनों के दबाव को देखते हुए प्रशासन ने वाहनों को गांव से काफी पहले रोक दिया। लुकैयाटांड़ और धुमकुड़िया भवन के पास पार्किंग की व्यवस्था की गई थी। इसके बाद लोगों को करीब सात किलोमीटर पैदल चलकर नेमरा स्थित मुख्यमंत्री के पैतृक आवास तक पहुंचना पड़ा।

सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम

पिछले वर्ष शिबू सोरेन के अंतिम संस्कार के दौरान जुटी भारी भीड़ के अनुभव को देखते हुए इस बार जिला प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष तैयारियां की थीं।

सुरक्षा व्यवस्था के लिए झारखंड सशस्त्र पुलिस की कई कंपनियां गांव में तैनात की गई थीं। आम लोगों और अतिथियों की आवाजाही को सुचारू रखने के लिए गोला-मुरी मार्ग पर त्वरित मरम्मत कार्य भी कराया गया।

इसके अलावा जगह-जगह तोरण द्वार और बैरिकेडिंग की गई। रास्ते में रूपी सोरेन की तस्वीरों वाले कटआउट लगाए गए, जिन पर ‘अंतिम जोहार’ और ‘विनम्र श्रद्धांजलि’ जैसे संदेश लिखे गए थे।

अंतिम संस्कार में पहुंचे दिग्गज नेता

रूपी सोरेन की अंतिम विदाई में शामिल होने के लिए राज्य सरकार के मंत्री, सत्ता पक्ष और विपक्ष के वरिष्ठ विधायक, राजनीतिक नेता तथा सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग नेमरा पहुंचे।

अंतिम संस्कार स्थल पर राजकीय सम्मान और संथाली परंपराओं के अनुरूप अंतिम विदाई की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारी और संबंधित विभागों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

रूपी सोरेन के निधन से सोरेन परिवार के साथ-साथ झामुमो और झारखंड के राजनीतिक-सामाजिक क्षेत्र में शोक का माहौल है।

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