
नेतरहाट की नाशपाती अब बड़े बाजारों में पहुंची, महिला किसानों को मिल रहा बेहतर दाम
Ranchi/Netarhat: झारखंड के लातेहार जिले के नेतरहाट की प्रीमियम गुणवत्ता वाली नाशपाती अब स्थानीय हाट-बाजारों से निकलकर संगठित और बड़े बाजारों तक पहुंचने लगी है। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के SETU (Scaling and Enabling for Trade Upliftment) सेल की पहल से महिला-नेतृत्व वाले किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के जरिए किसानों को संस्थागत खरीदारों से जोड़ा जा रहा है।
इस पहल से किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
5 मीट्रिक टन नाशपाती संगठित खरीदारों तक पहुंची
JSLPS के अनुसार, अब तक करीब 5 मीट्रिक टन उच्च गुणवत्ता वाली नेतरहाट नाशपाती संगठित खरीदारों तक पहुंचाई जा चुकी है। वहीं करीब 10 मीट्रिक टन नाशपाती की एक और खेप असम के गुवाहाटी भेजने के लिए तैयार की जा रही है।
इससे नेतरहाट के किसानों को स्थानीय बाजारों के अलावा राज्य और दूसरे राज्यों के बड़े बाजारों तक अपनी उपज पहुंचाने का अवसर मिल रहा है।
पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करने पर जोर
JSLPS की पहल केवल बाजार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। नाशपाती की पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करने के लिए कई स्तरों पर काम किया जा रहा है।
इसके तहत किसानों की उपज का सामूहिक संग्रहण, वैज्ञानिक ग्रेडिंग एवं छंटाई, गुणवत्ता जांच, आधुनिक पैकेजिंग और सुव्यवस्थित लॉजिस्टिक्स की व्यवस्था की जा रही है। इससे उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ बाजार तक बेहतर तरीके से पहुंचाने में मदद मिल रही है।
रिलायंस समेत संगठित रिटेल चेन तक पहुंची नेतरहाट की नाशपाती
JSLPS के अनुसार, Agri Arjuna के माध्यम से नेतरहाट की नाशपाती अब संगठित रिटेल चेन तक पहुंच रही है, जिसमें Reliance भी शामिल है। वहीं Tincture Agri के जरिए अतिरिक्त खेपों को प्रीमियम घरेलू बाजारों तक भेजने की व्यवस्था की जा रही है।
संगठित खरीदारों से जुड़ने के बाद किसानों को पारंपरिक स्थानीय बाजारों पर निर्भरता कम करने और बेहतर मूल्य प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।
नेतरहाट की जलवायु नाशपाती की खेती के लिए अनुकूल
नेतरहाट की ठंडी जलवायु नाशपाती की खेती के लिए अनुकूल मानी जाती है। यह क्षेत्र झारखंड के प्रमुख नाशपाती उत्पादक इलाकों में शामिल है।
JSLPS की पहल का उद्देश्य स्थानीय किसानों, खासकर महिला किसानों को संगठित मूल्य श्रृंखला से जोड़ना है, ताकि उन्हें उत्पादन से लेकर बिक्री तक बेहतर अवसर मिल सकें।
झारखंड के प्रमुख बागवानी उत्पाद के रूप में मिलेगी पहचान
नेतरहाट की नाशपाती को संगठित बाजारों तक पहुंच मिलने से इसे झारखंड के प्रमुख बागवानी उत्पाद के रूप में नई पहचान मिलने की संभावना बढ़ी है। किसानों की उपज को बेहतर पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण और बाजार से जोड़ने की पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है।



