
हजारीबाग में शिल्पी नेहा तिर्की का बड़ा बयान, परिसीमन से JPSC-JSSC छात्र आंदोलन तक सरकार का रुख साफ
Hazaribagh: हजारीबाग परिसदन में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान परिसीमन, आदिवासी प्रतिनिधित्व, JPSC-JSSC छात्र आंदोलन और संत कोलंबस कॉलेज के डॉ. जमाल अहमद की वापसी समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य और आदिवासी हितों को लेकर गंभीर है।
परिसीमन को लेकर शिल्पी नेहा तिर्की ने जताई चिंता
परिसीमन के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि यह केवल झारखंड का विषय नहीं है, बल्कि देश के कई राज्यों से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है। दक्षिण भारत के राज्यों के अलावा पांचवीं अनुसूची वाले आदिवासी बहुल राज्यों में भी परिसीमन को लेकर चिंताएं हैं।
उन्होंने 30 अगस्त को रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित आदिवासी महाजुटान का जिक्र करते हुए कहा कि इसके माध्यम से झारखंड की चिंताओं और आशंकाओं को केंद्र सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
आदिवासी प्रतिनिधित्व प्रभावित नहीं होना चाहिए
शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि झारखंड में परिसीमन लागू करने से पहले पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों के हितों और संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया के कारण आदिवासी राजनीतिक प्रतिनिधित्व प्रभावित नहीं होना चाहिए। इसके लिए विशेष प्रावधानों और संवैधानिक सुरक्षा को लेकर व्यापक चर्चा की आवश्यकता है।
JPSC-JSSC छात्र आंदोलन पर क्या बोलीं मंत्री?
JPSC, JSSC और CGL परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन पर मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों को अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार है।
उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में अनियमितताओं से जुड़े आरोपों की जांच और सामने आए तथ्यों के आधार पर सरकार ने परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए इस पर विस्तार से टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
मंत्री ने छात्रों के भविष्य और भर्ती परीक्षा व्यवस्था में सुधार को महत्वपूर्ण बताया।
डॉ. जमाल अहमद की वापसी पर भी दिया जवाब
संत कोलंबस कॉलेज के डॉ. जमाल अहमद की मूल पद पर वापसी के सवाल पर शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति JPSC से इस्तीफा देने के बाद अपनी मूल स्थापना में वापस सेवा देना चाहता है, तो इसकी प्रक्रिया संबंधित नियमों के तहत तय होगी।
उन्होंने कहा कि इस मामले में कार्मिक विभाग ही नियम और प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी दे सकता है। अंतिम स्थिति संबंधित विभाग की जानकारी के बाद ही स्पष्ट होगी।
युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार गंभीर
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं और विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखकर काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य भर्ती और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना है।
हजारीबाग परिसदन में हुई बातचीत के दौरान मंत्री ने राज्य से जुड़े मौजूदा राजनीतिक, सामाजिक और शिक्षा संबंधी मुद्दों पर सरकार का रुख सामने रखा।



