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JPSC-JSSC विवाद: सरकार और देवेंद्रनाथ महतो गुट के छात्रों की वार्ता बेनतीजा, आंदोलन रहेगा जारी

JPSC-JSSC आंदोलन: स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार-छात्रों की वार्ता खत्म, नहीं निकला कोई समाधान


JPSC-JSSC विवाद: सरकार और देवेंद्रनाथ महतो गुट के छात्रों के बीच वार्ता बेनतीजा, आंदोलन जारी रखने का ऐलान

Ranchi: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर शनिवार को रांची के मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार और जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच के देवेंद्रनाथ महतो गुट के प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता हुई। हालांकि, बैठक में किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन सकी।

वार्ता समाप्त होने के बाद छात्र प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन जारी रहेगा।

सरकार और छात्रों के बीच हुई बातचीत

सरकार की ओर से वार्ता में मंत्री दीपिका पांडे सिंह, सुदिव्य कुमार सोनू और संजय कुमार यादव शामिल हुए। वहीं छात्र प्रतिनिधिमंडल में दीनबंधु मंडल, पूजा कुमारी, चंदन कुमार, बिमल कुमार, प्रेम कुमार, रविशंकर, अमित कुमार शर्मा और रामावतार महतो शामिल रहे।

दोनों पक्षों के बीच JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, जांच और अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर चर्चा हुई। हालांकि, बैठक के बाद भी कोई ऐसा निर्णय सामने नहीं आया, जिसके आधार पर छात्र आंदोलन समाप्त किया जा सके।

पहले भी दूसरे छात्र गुट से हुई थी वार्ता

इससे पहले शुक्रवार को भी राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलनरत छात्रों के दूसरे गुट के प्रतिनिधियों से बातचीत की थी। उस वार्ता में भी कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका था।

हालांकि, सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत के विकल्प अभी खुले हुए हैं। सरकार की ओर से लगातार संवाद के जरिए गतिरोध खत्म करने की कोशिश की जा रही है।

देवेंद्रनाथ महतो छह दिनों से भूख हड़ताल पर

देवेंद्रनाथ महतो गुट के छात्रों की वार्ता के बीच जेएलकेएम नेता देवेंद्रनाथ महतो भी आंदोलन के समर्थन में पिछले छह दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती, आंदोलन को वापस नहीं लिया जाएगा।

छात्रों की पांच प्रमुख मांगें

आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार के सामने मुख्य रूप से पांच मांगें रखी हैं।

1. CBI और ED से जांच की मांग

छात्रों की मांग है कि 14वीं JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच केवल CID तक सीमित न रखी जाए, बल्कि CBI और ED से भी जांच कराई जाए। छात्रों का कहना है कि उन्हें केवल CID जांच पर भरोसा नहीं है।

2. फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन

मामले की जल्द सुनवाई और समयबद्ध तरीके से न्याय सुनिश्चित करने के लिए छात्रों ने फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की मांग की है।

3. TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाएं रद्द हों

छात्र प्रतिनिधियों ने TSR Data Processing Private Limited (TDPL) द्वारा आयोजित विवादित परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की है।

4. TDPL को ब्लैकलिस्ट करने की मांग

आंदोलनकारियों की मांग है कि संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जाए और भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन की जिम्मेदारी ऐसी एजेंसियों को दी जाए, जिनकी कार्यप्रणाली पर अभ्यर्थियों का भरोसा हो।

5. दागी अधिकारियों पर कार्रवाई

छात्रों ने JPSC और JSSC के उन अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है, जिन पर कथित भ्रष्टाचार या अनियमितताओं में शामिल होने के आरोप हैं। उनकी मांग है कि ऐसे अधिकारियों को पद से हटाकर साफ-सुथरी छवि वाले अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाए।

फिलहाल जारी रहेगा छात्र आंदोलन

वार्ता के बावजूद कोई ठोस नतीजा नहीं निकलने के बाद छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अपना आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है। अब निगाहें सरकार की अगली पहल और इन मांगों पर लिए जाने वाले निर्णय पर टिकी हैं।

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