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संसद के मानसून सत्र की शुरुआत हंगामे से, NEET, चढ़ावा और जंतर-मंतर मुद्दे पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने

मानसून सत्र 2026: NEET पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावा मुद्दे पर संसद में हंगामा, दोनों सदनों की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित

मानसून सत्र के पहले दिन संसद में हंगामा, NEET पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावा मुद्दे पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने

New Delhi: संसद के मानसून सत्र 2026 की शुरुआत सोमवार को जोरदार हंगामे के साथ हुई। विपक्ष ने NEET-UG पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और अन्य मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

राज्यसभा में खड़गे ने उठाया जंतर-मंतर का मुद्दा

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और उनकी लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति को बाधित किया गया।

वहीं, सरकार की ओर से इस आरोप पर सदन में अलग पक्ष भी रखा गया।

लोकसभा में विपक्ष का हंगामा

लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने NEET-UG पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी और अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग की। कई सांसद पोस्टर और बैनर लेकर सदन पहुंचे, जिसके चलते सदन की कार्यवाही बाधित हुई।

सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाला विधेयक पेश

इस बीच, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 लोकसभा में पेश किया।

विधेयक के अनुसार सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सहित स्वीकृत जजों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 की जाएगी। यह विधेयक पहले जारी किए गए अध्यादेश (ऑर्डिनेंस) का स्थान लेगा। सरकार के अनुसार बढ़ी हुई स्वीकृत संख्या के आधार पर पहले ही पांच नए न्यायाधीश नियुक्त किए जा चुके हैं। इस संशोधन के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता नहीं होगी और इसे पारित करने के लिए साधारण बहुमत पर्याप्त होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने की सार्थक चर्चा की अपील

संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि जैसे मानसून देश के लिए महत्वपूर्ण होता है, वैसे ही मानसून सत्र भी देशहित में उत्पादक होना चाहिए। उन्होंने सभी दलों से आग्रह किया कि संसद में तर्कपूर्ण और सार्थक चर्चा के माध्यम से जनहित के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाए।

मानसून सत्र के पहले ही दिन सरकार और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों पर तीखी राजनीतिक टकराहट देखने को मिली। आने वाले दिनों में शिक्षा, कानून-व्यवस्था और अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर सदन में व्यापक चर्चा होने की संभावना है।

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