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झारखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। अगले 72 घंटे भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट जारी।

जानें किन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश की संभावना है।

झारखंड में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के सभी हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून पहुंच चुका है। अगले 48 से 72 घंटों के दौरान कई जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। ऐसे में लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।

पूरे झारखंड में सक्रिय हुआ मानसून

30 जून 2026 तक दक्षिण-पश्चिम मानसून ने झारखंड के शेष हिस्सों को भी पूरी तरह कवर कर लिया है। मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी भारत में बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से 3 जुलाई के आसपास बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे राज्य में बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी।

पिछले 24 घंटे का मौसम

बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी सिंहभूम के बहरागोड़ा में सर्वाधिक 64.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।

प्रमुख तापमान:

  • डाल्टनगंज: 39.4°C (सबसे अधिक)
  • लातेहार: 21.3°C (सबसे कम न्यूनतम)
  • रांची: 33.9°C
  • जमशेदपुर: 36.8°C
  • चाईबासा: 36.4°C

3 से 5 डिग्री तक गिरेगा तापमान

मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। 2 जुलाई से राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला शुरू होने की संभावना है, जो 6 जुलाई तक जारी रह सकता है।

इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

1 जुलाई:

  • लातेहार
  • लोहरदगा
  • रांची
  • खूंटी
  • गुमला
  • सिमडेगा
  • पश्चिमी सिंहभूम

इन जिलों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना है।

2 जुलाई:
उत्तर-पूर्वी और मध्य झारखंड के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जिनमें शामिल हैं:

  • देवघर
  • दुमका
  • गोड्डा
  • जामताड़ा
  • पाकुड़
  • साहिबगंज
  • बोकारो
  • धनबाद
  • रामगढ़
    साथ ही दक्षिणी जिलों में भी तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

लोगों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक और वज्रपात के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े न हों तथा सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।

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