
खनिज विधेयक के विरोध की रणनीति पर JMM करेगा मंथन, 20 अगस्त को रांची में जुटेंगे पार्टी नेता
Ranchi: केंद्र सरकार के प्रस्तावित खनिज विधेयक को लेकर झारखंड में सियासी हलचल तेज हो गई है। अब झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) इस मुद्दे पर अपनी आगे की रणनीति तय करने के लिए 20 अगस्त को रांची में विस्तारित केंद्रीय समिति की बैठक करेगा। बैठक में खनिज विधेयक के अलावा पार्टी के संगठनात्मक मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
पार्टी की ओर से जारी कार्यालय आदेश के मुताबिक, बैठक 20 अगस्त को सुबह 10:30 बजे हरमू स्थित सोहराय भवन में आयोजित की जाएगी। बैठक को लेकर झामुमो के महासचिव विनोद कुमार पाण्डेय ने 14 अगस्त को कार्यालय आदेश जारी किया है।
केंद्रीय समिति के साथ जिलों के पदाधिकारी भी होंगे शामिल
बैठक में केंद्रीय समिति के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों की मौजूदगी अनिवार्य की गई है। इसके अलावा पार्टी ने सभी जिलों के अध्यक्ष, सचिव और संयोजक प्रमुख के साथ-साथ महानगर अध्यक्ष और सचिव को भी बैठक में शामिल होने का निर्देश दिया है।
इससे साफ है कि पार्टी इस बैठक को केवल केंद्रीय स्तर की बैठक तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि संगठन के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों को भी इसमें शामिल कर व्यापक चर्चा करने की तैयारी है।
खनिज विधेयक पर बनेगी आगे की राजनीतिक रणनीति
बैठक का सबसे अहम एजेंडा केंद्र सरकार के खनिज विधेयक पर चर्चा करना है। झामुमो लगातार इस विधेयक को झारखंड के हितों और राज्य के अधिकारों से जोड़कर इसका विरोध कर रहा है।
बैठक में पार्टी नेता विधेयक के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा करने के साथ-साथ इसके विरोध में आगे की राजनीतिक रणनीति और संभावित कार्यक्रमों पर विचार कर सकते हैं। पार्टी स्तर पर आंदोलन को किस तरह आगे बढ़ाया जाए, इसे लेकर भी निर्णय लिए जाने की संभावना है।
संगठन के पुनर्गठन की भी होगी समीक्षा
खनिज विधेयक के अलावा बैठक में पार्टी संगठन की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी। बूथ से लेकर जिला स्तर तक चल रहे संगठन के पुनर्गठन की प्रगति पर चर्चा होगी।
पार्टी नेतृत्व संगठन को और मजबूत करने तथा आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की दिशा में भी जरूरी फैसले ले सकता है।
झारखंड में खनिज विधेयक पर बढ़ रहा सियासी दबाव
खनिज विधेयक को लेकर पिछले कुछ दिनों से झारखंड में राजनीतिक गतिविधियां लगातार बढ़ी हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस मुद्दे को लेकर विपक्ष से समर्थन की अपील की है। वहीं कांग्रेस और भाकपा माले ने भी विधेयक के प्रावधानों को लेकर विरोध का रुख अपनाया है।
अब 20 अगस्त को होने वाली JMM की विस्तारित केंद्रीय समिति की बैठक पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं। माना जा रहा है कि बैठक के बाद पार्टी खनिज विधेयक के खिलाफ अपने अगले कदम को लेकर स्थिति और स्पष्ट कर सकती है।



