
झारखंड राज्यसभा चुनाव में बढ़ी हलचल, सरयू राय के ट्वीट से ‘लोकल बनाम बाहरी’ बहस तेज
Ranchi: Jharkhand में अगले महीने होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। दो सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले विधायक Saryu Roy के एक ट्वीट ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।
चर्चा है कि राज्यसभा की एक सीट पर कब्जा जमाने के लिए देश के कुछ बड़े उद्योगपति और धनकुबेर सक्रिय हो गए हैं। ऐसे में सरयू राय ने मुख्यमंत्री Hemant Soren और नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi से अपील की है कि वे बाहरी और धनबल वाले उम्मीदवारों के बजाय झारखंड के स्थानीय चेहरे को प्राथमिकता दें।
‘लोकल बनाम बाहरी’ की बहस फिर तेज
सरयू राय के बयान के बाद राज्य की राजनीति में ‘लोकल बनाम बाहरी’ मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि झारखंड की राजनीति में स्थानीय पहचान हमेशा से बड़ा मुद्दा रही है और राज्यसभा चुनाव में भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
बताया जा रहा है कि किसी भी उम्मीदवार की जीत बिना झामुमो या भाजपा के समर्थन के संभव नहीं होगी। ऐसे में दोनों प्रमुख दलों की रणनीति पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
उद्योगपतियों की एंट्री से बढ़ी सियासी दिलचस्पी
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि कुछ बड़े कारोबारी और आर्थिक रूप से मजबूत उम्मीदवार राज्यसभा पहुंचने के लिए सक्रिय लॉबिंग कर रहे हैं। हालांकि अब तक किसी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सरयू राय का ट्वीट ऐसे समय आया है जब राज्यसभा चुनाव को लेकर दलों के भीतर भी मंथन जारी है। इसे स्थानीय नेतृत्व और क्षेत्रीय अस्मिता को केंद्र में लाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
गठबंधन और भाजपा की रणनीति पर नजर
राज्यसभा चुनाव में संख्या बल की अहम भूमिका होगी। ऐसे में महागठबंधन और भाजपा दोनों ही अपने समीकरण मजबूत करने में जुटे हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में उम्मीदवारों के नाम सामने आते ही झारखंड की राजनीति और दिलचस्प हो सकती है।



