
नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर BJP का हमला: विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप, 28 अप्रैल को रांची में मशाल जुलूस
रांची | पॉलिटिकल डेस्क
झारखंड में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। Bharatiya Janata Party (BJP) ने विपक्षी दलों पर महिलाओं के अधिकारों को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है।
भाजपा नेत्री और जमशेदपुर पूर्वी की विधायक Purnima Sahu ने रांची स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि संसद में महिलाओं को समान अधिकार और भागीदारी देने का ऐतिहासिक अवसर आया था, लेकिन विपक्ष ने इसका विरोध कर महिलाओं के साथ “विश्वासघात” किया।
“महिलाओं का अधिकार, कोई उपकार नहीं”
पूर्णिमा साहू ने कहा कि Narendra Modi सरकार महिलाओं को नीति-निर्माण में बराबरी का स्थान देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रधानमंत्री के बयान का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं को अधिकार देना किसी तरह का उपकार नहीं, बल्कि उनका संवैधानिक और स्वाभाविक अधिकार है।
विपक्ष पर तीखा हमला
उन्होंने Indian National Congress और INDIA गठबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्षों तक इन दलों ने महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दिया। अब जब अधिकार देने की बात आई है, तो वही दल विरोध कर रहे हैं।
साहू ने यह भी कहा कि Amit Shah ने स्पष्ट किया है कि परिसीमन से किसी राज्य को नुकसान नहीं होगा, बल्कि इससे संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा, बावजूद इसके विपक्ष भ्रम फैला रहा है।
28 अप्रैल को मशाल जुलूस
भाजपा की ओर से इस मुद्दे पर जनसमर्थन जुटाने के लिए 28 अप्रैल को रांची में बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
- समय: शाम 5 बजे
- रूट: Jaipal Singh Stadium से Albert Ekka Chowk तक
- आयोजन: महिलाओं का विशाल मशाल जुलूस
इस जुलूस को “नारी शक्ति, सम्मान और अधिकारों” की अभिव्यक्ति बताया जा रहा है।
“महिलाएं अब जागरूक और सशक्त”
पूर्णिमा साहू ने कहा कि आज की महिलाएं अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हैं और उन्हें पाने के लिए आवाज उठाने को तैयार हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं को अधिक अवसर देने के लिए लगातार काम कर रही है।
निष्कर्ष:
‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर सियासत तेज होती जा रही है। एक ओर BJP इसे महिलाओं के अधिकारों की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसके प्रावधानों पर सवाल उठा रहा है। अब देखना होगा कि इस मुद्दे पर जनता का रुख किस ओर जाता है।



