
हरिवंश नारायण सिंह फिर राज्यसभा सांसद, राष्ट्रपति ने किया मनोनीत
पटना | वरिष्ठ पत्रकार और हरिवंश नारायण सिंह को एक बार फिर राज्यसभा का सदस्य मनोनीत किया गया है। द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पुनः राज्यसभा के लिए नामित किया है। इसके साथ ही हरिवंश का राज्यसभा में तीसरा कार्यकाल शुरू हो गया है।
हरिवंश इससे पहले भी दो बार राज्यसभा सांसद रह चुके हैं और वर्तमान में वे राज्यसभा के उप सभापति पद पर भी कार्यरत हैं। उनका पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हुआ था, जिसके तुरंत बाद उन्हें फिर से मनोनीत किया गया।
जेडीयू से जुड़ाव और संसदीय भूमिका
जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के वरिष्ठ नेता हरिवंश को पहली बार अप्रैल 2014 में बिहार से राज्यसभा भेजा गया था। वे नीतीश कुमार के करीबी माने जाते हैं।
9 अगस्त 2018 को वे पहली बार राज्यसभा के उप सभापति चुने गए और 14 सितंबर 2020 को दोबारा इस पद पर निर्वाचित हुए।
साधारण पृष्ठभूमि से राष्ट्रीय राजनीति तक
30 जून 1956 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में जन्मे हरिवंश नारायण सिंह ने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव में ही की। आगे की पढ़ाई के लिए वे वाराणसी गए और काशी हिंदू विश्वविद्यालय से स्नातक किया। इसके बाद उन्होंने पत्रकारिता में डिप्लोमा हासिल किया।
पत्रकारिता से राजनीति तक का सफर
हरिवंश ने अपने करियर की शुरुआत टाइम्स ग्रुप से पत्रकार के रूप में की। कुछ समय के लिए उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया में भी काम किया, लेकिन बाद में पत्रकारिता में लौट आए।
वे 1984 से 1989 तक आनंद बाजार पत्रिका समूह की साप्ताहिक पत्रिका रविवार में सहायक संपादक रहे। इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर में लंबे समय तक संपादक के रूप में काम किया और इस अखबार को नई पहचान दिलाई।
तीसरे कार्यकाल की शुरुआत
राजनीति और पत्रकारिता—दोनों क्षेत्रों में लंबे अनुभव के साथ हरिवंश नारायण सिंह अब राज्यसभा में अपनी नई पारी शुरू कर रहे हैं। उनके अनुभव को संसद में अहम माना जा रहा है।



