Iran-Israel War से दुनिया में खलबली: भारत ने जताई गहरी चिंता, कहा- “बातचीत ही एकमात्र रास्ता”

नई दिल्ली | मध्य-पूर्व (Middle East) में इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच छिड़े भीषण युद्ध (Iran-Israel War) ने वैश्विक शांति के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया है।
ईरान पर हुए ताजा हमलों के बाद भारत सरकार ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सभी पक्षों से तुरंत संयम बरतने की अपील की है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है और मुद्दों को कूटनीति के जरिए सुलझाया जाना चाहिए।
Iran-Israel War : विदेश मंत्रालय का आधिकारिक बयान
विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में कहा कि भारत, ईरान और खाड़ी क्षेत्र के घटनाक्रमों से बेहद चिंतित है। मंत्रालय ने निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया:
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संयम और सुरक्षा: सभी पक्ष अधिकतम संयम बरतें और निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
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संप्रभुता का सम्मान: भारत ने आह्वान किया कि सभी देशों की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए।
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संवाद और कूटनीति: तनाव कम करने और मूल विवादों को खत्म करने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाया जाए।
ईरान में कोहराम: स्कूल पर हमले में 53 छात्राओं की मौत
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इजरायली हमले के दौरान एक प्रोजेक्टाइल लड़कियों के स्कूल पर जा गिरा। इस दर्दनाक हादसे में 53 लड़कियों की मौत की खबर है।
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ईरान का पलटवार: ईरानी विदेश मंत्री ने इस हमले को ‘अक्षम्य’ बताते हुए कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है। इसके बाद ईरान ने इजरायल पर 400 से ज्यादा मिसाइलें दागकर जवाबी कार्रवाई की।
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इजरायल की रणनीति: इजरायली सेना का दावा है कि उन्होंने ईरान के करीब 100 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
Iran-Israel War : डोनाल्ड ट्रंप का ‘सत्ता परिवर्तन’ वाला संदेश
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले के पीछे के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए ईरानी जनता को संबोधित किया। ट्रंप ने कहा कि उनका लक्ष्य:
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ईरान में सत्ता परिवर्तन करना है।
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ईरान को परमाणु हथियार (Nuclear Weapons) हासिल करने से रोकना है। उन्होंने इसे ईरानी लोगों के लिए एक ‘अवसर’ करार दिया है।
Iran-Israel War : भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी
युद्धग्रस्त क्षेत्र में रहने वाले हजारों भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार अलर्ट पर है।
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दूतावास के संपर्क में रहें: तेहरान और आसपास के क्षेत्रों में स्थित भारतीय मिशन नागरिकों के लगातार संपर्क में हैं।
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सतर्कता बरतें: नागरिकों को स्थानीय दिशा-निर्देशों का पालन करने और दूतावास में अपना पंजीकरण सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है।
मध्य-पूर्व की यह जंग अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है, जहां एक ओर मानवीय त्रासदी बढ़ रही है, तो दूसरी ओर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी इसका बुरा असर पड़ने की आशंका है। भारत अपनी ‘गुटनिरपेक्ष’ और ‘शांतिप्रिय’ छवि के साथ विश्व मंच पर तनाव कम करने की कोशिशों में जुटा है।



