
नई दिल्ली: संसद के भीतर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच कड़वाहट बढ़ती जा रही है। गोड्डा (झारखंड) से भाजपा सांसद Nishikant Dubey ने रविवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। दुबे ने राहुल गांधी को ‘अर्बन नक्सल’ करार देते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष संसद की मर्यादा को ताक पर रखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ साजिश रच रहा है।
अप्रकाशित किताब के आधार पर चर्चा गलत
निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी द्वारा सदन में पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब का जिक्र किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा:
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तथ्यों की शुद्धता: “संसद एक ऐसा मंच है जहाँ हर बात सही संदर्भ में रखी जानी चाहिए। राहुल गांधी एक अप्रकाशित किताब के आधार पर चर्चा कर रहे हैं, जो संसदीय परंपराओं के खिलाफ है।”
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नक्सलवादी विचारधारा: दुबे ने राहुल गांधी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्हें ‘अर्बन नक्सल’ (Urban Naxal) की संज्ञा दी।
पीएम की सुरक्षा और स्पीकर का खुलासा
यह पूरा विवाद बुधवार को सदन में हुए हंगामे से जुड़ा है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हाल ही में खुलासा किया था कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को उस दिन सदन में न आने की सलाह दी थी।
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स्पीकर की सलाह: बिरला को सूचना मिली थी कि कुछ कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री की सीट तक पहुँचकर किसी अप्रिय घटना को अंजाम दे सकते हैं।
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निशिकांत का दावा: दुबे ने स्पीकर की बात का समर्थन करते हुए कहा कि बुधवार को जो स्थिति पैदा हुई थी, वह लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण हो सकती थी।
प्रियंका गांधी का तीखा पलटवार: “स्पीकर के पीछे छिप रहे पीएम”
निशिकांत दुबे और सरकार के इन आरोपों पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने करारा जवाब दिया है। संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा:
“प्रधानमंत्री जी स्पीकर के पीछे छिप रहे हैं। बुधवार को वह सदन में आने की हिम्मत इसलिए नहीं जुटा पाए क्योंकि तीन महिलाएं (सांसद) उनकी सीट के सामने खड़ी थीं। यह सब बहानेबाजी है, असल में सरकार चर्चा से भाग रही है।”
संसद में तनाव बरकरार
निशिकांत दुबे ने जोर देकर कहा कि उन्होंने अपने संसदीय जीवन में ऐसा हंगामा पहले कभी नहीं देखा। वहीं, विपक्ष का कहना है कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर जवाब देने के बजाय सांसदों को बदनाम करने और डराने की राजनीति कर रही है।



