झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और जनप्रिय नेता “दिशोम गुरु” Shibu Soren के पैतृक आवास नेमरा में उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी है।
दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी के “श्राद्ध कर्म” के आठवें दिन भी आज सुबह से ही रामगढ़, नेमरा स्थित मुख्यमंत्री श्री @HemantSorenJMM के पैतृक आवास में “गुरुजी” को हजारों की संख्या में लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। लोगों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उनके प्रति संवेदनाएं व्यक्त की। pic.twitter.com/GS15w5yDFw
— Office of Chief Minister, Jharkhand (@JharkhandCMO) August 12, 2025
उनके “श्राद्ध कर्म” के आठवें दिन भी, हजारों की संख्या में लोग, जिनमें मंत्री, सांसद और विधायक भी शामिल थे, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करने पहुँचे। यह भावुक माहौल इस बात का प्रमाण था कि लोग अपने प्रिय नेता के प्रति कितना गहरा प्रेम और सम्मान रखते थे।
Shibu Soren News: भूमि-पुत्र नेता
श्रद्धांजलि अर्पित करने आए कई लोगों ने कहा कि नेमरा की यह भूमि धन्य है, जहाँ “गुरुजी” जैसे महान विभूति का जन्म हुआ। लोगों की इस भीड़ को “जनसैलाब” के रूप में वर्णित किया गया, जो शिबू सोरेन के प्रति जनता के गहरे लगाव और जुड़ाव को दर्शाता है। अपने “जननेता” को खोने का गम लोगों के चेहरों पर साफ दिखाई दे रहा था।
Shibu Soren News: झारखंडी अस्मिता के संरक्षक
वक्ताओं ने शिबू सोरेन को “झारखंडी चेतना के प्रहरी” के रूप में याद किया। उन्होंने न केवल क्षेत्र के जल, जंगल और जमीन को बचाने के लिए बल्कि सभी झारखंडियों की अस्मिता और पहचान की रक्षा के लिए भी उनके अथक संघर्ष पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपना पूरा जीवन आदिवासी, दलित, शोषित और वंचित समुदायों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए समर्पित कर दिया।
लोगों ने स्वीकार किया कि “गुरुजी” का जाना एक अपूरणीय क्षति है, और उन्होंने अलग झारखंड राज्य के निर्माता को शत-शत नमन किया।
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