Jharkhand News: झारखंड में जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन को और गति देने के लिए गुरुवार को राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन (SWSM) की कार्यकारिणी की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अबु इमरान ने की। बैठक में प्रस्तावित विभागीय समिट की तैयारियों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति योजनाओं को प्रभावी और टिकाऊ बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
जल संरचना परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर: Jharkhand News
बैठक में जल जीवन मिशन के तहत चल रही और प्रस्तावित जल संरचना परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा ‘कैच द रेन’ अभियान, पेयजल स्रोतों की स्थिरता और ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने विशेष रूप से Source Sustainability यानी पेयजल स्रोतों की दीर्घकालिक स्थिरता और Operation & Maintenance यानी ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के नियमित संचालन एवं रखरखाव को लेकर रणनीति पर विचार किया।
ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों की उपलब्धता बनाए रखने पर फोकस: Jharkhand News
बैठक में कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सिर्फ पाइपलाइन और जलापूर्ति संरचना तैयार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लंबे समय तक पेयजल स्रोत उपलब्ध रहें, यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है। इसके लिए विभिन्न विभागों की भूमिका और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करते हुए बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया गया। अधिकारियों ने ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के सतत संचालन के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता भी बताई।
कई विभागों के प्रतिनिधि और UNICEF विशेषज्ञ हुए शामिल: Jharkhand News
बैठक में पंचायती राज विभाग, जल संसाधन विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा UNICEF के WASH विशेषज्ञ भी बैठक में मौजूद रहे। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से अभियंता प्रमुख, मुख्य अभियंता, PMU के पदाधिकारी, मुख्य अभियंता (CDO), उप निदेशक-1 और राज्य समन्वयक सहित अन्य अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
विभागीय समिट के जरिए मिशन को मिलेगी नई गति: Jharkhand News
बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रस्तावित विभागीय समिट के माध्यम से जल जीवन मिशन के लक्ष्यों को और प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर ग्रामीण क्षेत्रों में ‘हर घर नल से जल’ की सुविधा को स्थायी और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। सरकार का फोकस जलापूर्ति योजनाओं के निर्माण के साथ-साथ उनके लंबे समय तक बेहतर संचालन और पेयजल स्रोतों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर रहेगा।



