BiharHeadlinesNationalPoliticsStatesTrending

नीतीश के बाद कौन? दिल्ली से नागपुर तक मंथन, BJP में तेज हुई गतिविधियां

नीतीश के राज्यसभा जाने के बाद क्या बदलेगा बिहार? दिल्ली-नागपुर में तेज हुई बैठकों का दौर

CM रेस तेज: दिल्ली में टाइम नहीं, नागपुर में हलचल—शाह से सीक्रेट मीटिंग के बाद क्या बनने जा रहा है समीकरण?

बिहार की राजनीति इस समय बड़े बदलाव के संकेत दे रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद नई सरकार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सत्ता परिवर्तन की संभावनाओं के बीच बीजेपी और संघ स्तर पर बैठकों का दौर भी तेज हो गया है।


दिल्ली में ‘नो टाइम’, नागपुर में एक्टिविटी तेज

सूत्रों के अनुसार, बिहार बीजेपी के कई नेता दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से मिलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें समय नहीं मिल पा रहा है। इसी बीच प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात हुई, जिसे पूरी तरह गोपनीय रखा गया। इस मीटिंग की कोई तस्वीर या आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, जिससे सियासी हलकों में अटकलें और तेज हो गई हैं।


नागपुर में प्रेम कुमार की मौजूदगी ने बढ़ाई चर्चा

दूसरी तरफ, बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार का नागपुर दौरा भी खास माना जा रहा है। उन्होंने संघ मुख्यालय में पहुंचकर संस्थापक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया और संघ नेताओं से मुलाकात की। इसे भी बिहार में संभावित सत्ता बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है।


नीतीश के शपथ के बाद ही होगा फैसला

दिल्ली से लौटने के बाद संजय सरावगी ने साफ कहा कि फिलहाल नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने बताया कि राज्यसभा की शपथ के बाद ही नई परिस्थितियां बनेंगी और उसके बाद बीजेपी व NDA का केंद्रीय नेतृत्व मिलकर निर्णय लेगा।


CM फेस पर सस्पेंस बरकरार

बीजेपी के मुख्यमंत्री बनने की चर्चा पर सरावगी ने सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा। उन्होंने सिर्फ इतना दोहराया कि NDA की सरकार है और सभी फैसले सामूहिक रूप से लिए जाएंगे। इससे साफ है कि अभी CM चेहरे को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।


नीतीश की तारीफ और NDA की मजबूती का दावा

सरावगी ने नीतीश कुमार को बिहार का सर्वमान्य नेता बताते हुए उनके नेतृत्व में राज्य के विकास की सराहना की। उन्होंने कहा कि नीतीश के नेतृत्व में जदयू और NDA दोनों मजबूत होंगे।


निशांत की एंट्री पर सकारात्मक संकेत

नीतीश कुमार के बेटे निशांत के राजनीति में आने पर बीजेपी ने सकारात्मक रुख दिखाया है। सरावगी ने कहा कि युवा और शिक्षित चेहरों के आने से गठबंधन को मजबूती मिलेगी, हालांकि उनकी भूमिका तय करना जदयू का विषय है।


संगठन विस्तार पर क्या बोले सरावगी

बीजेपी संगठन में बदलाव को लेकर उन्होंने कहा कि फिलहाल पार्टी की संरचना बनी हुई है। जरूरत पड़ने पर विस्तार किया जाएगा, लेकिन अभी उसी टीम के साथ काम जारी रहेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button