
तमिलनाडु में ‘थलपति’ की विजय: फिल्म स्टार से CM तक का सफर, क्यों सफल हुए विजय?
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव दर्ज कर दिया है। साउथ सुपरस्टार थलपति विजय ने अपनी पार्टी के साथ पहली ही बार में ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने उन्हें मुख्यमंत्री पद का सबसे मजबूत दावेदार बना दिया है।
234 सीटों वाली विधानसभा में उनकी पार्टी के शानदार प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि तमिलनाडु में एक नया राजनीतिक अध्याय शुरू हो चुका है।
फिल्म स्टार से ‘जननायक’ तक का सफर
तमिलनाडु में फिल्मी सितारों के राजनीति में सफल होने का इतिहास रहा है—
एम. जी. रामचंद्रन और जे. जयललिता जैसे दिग्गजों ने इसे साबित किया था।
हालांकि रजनीकांत और कमल हासन राजनीति में वह सफलता नहीं हासिल कर पाए।
ऐसे में विजय की जीत ने सबको चौंका दिया है।
2024 में पार्टी लॉन्च, शुरुआत से साफ रणनीति
2024 में अपनी पार्टी (TVK) के गठन के साथ ही विजय ने स्पष्ट कर दिया था कि—
- राजनीति उनके लिए सिर्फ प्रयोग नहीं, बल्कि गंभीर मिशन है
- उन्होंने DMK और AIADMK जैसे बड़े दलों से गठबंधन से इनकार किया
- खुद को एक साफ और वैकल्पिक नेतृत्व के रूप में पेश किया
इस रणनीति ने खासकर युवाओं और पहली बार वोट करने वालों को आकर्षित किया।
रजनीकांत और कमल हासन से कैसे अलग रहे विजय?
- रजनीकांत लंबे समय तक राजनीति में आने को लेकर असमंजस में रहे
- कमल हासन की पार्टी चुनावों में प्रभाव नहीं छोड़ सकी
- दोनों ही नेताओं के मुकाबले विजय अपेक्षाकृत युवा और ज्यादा एक्टिव नजर आए
विजय ने अपने करियर को दांव पर लगाकर यह संदेश दिया कि वे लंबी पारी खेलने आए हैं।
चुनावी मुद्दे: बदलाव, युवाओं और भ्रष्टाचार पर फोकस
जहां एक ओर एम. के. स्टालिन और उनकी पार्टी ने पहचान की राजनीति पर जोर दिया,
वहीं विजय ने—
- भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख
- युवा बेरोजगारी
- सिस्टम में बदलाव
जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी।
इसका असर शहरी, युवा और मध्य वर्ग के वोटर्स पर साफ दिखा।
पहले ही चुनाव में बड़ी सफलता
- पहली बार चुनाव लड़कर मजबूत जीत
- कई सीटों पर शानदार प्रदर्शन
- खुद को राज्य की राजनीति में केंद्र में स्थापित किया
विजय अब सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति के ‘जननायक’ बनकर उभरे हैं।
निष्कर्ष
थलपति विजय की यह जीत केवल एक चुनावी सफलता नहीं, बल्कि तमिलनाडु की पारंपरिक राजनीति में बदलाव का संकेत है।
उन्होंने साबित कर दिया कि साफ रणनीति, मजबूत संदेश और जनता से सीधा जुड़ाव किसी भी नए नेता को शीर्ष तक पहुंचा सकता है।



