पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी ने आग पकड़ ली है। पूर्णिया सांसद Pappu Yadav के विवादित बयान के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। वहीं मोकामा विधायक Anant Singh ने तीखा पलटवार करते हुए मामले को और गर्मा दिया है।
क्या है पूरा विवाद?: Anant Singh
महिला आरक्षण और राजनीति में महिलाओं की भागीदारी पर बोलते हुए पप्पू यादव ने कहा “महिलाओं की राजनीति में एंट्री नेताओं के ‘बेड’ से होकर होती है।” इस बयान के बाद भारी विवाद खड़ा हो गया।
- बयान को महिलाओं के सम्मान पर चोट बताया गया
- कई राजनीतिक दलों और महिला नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई
“मैं अपने बयान पर कायम हूं” – पप्पू यादव
विवाद बढ़ने के बावजूद सांसद ने अपने बयान से पीछे हटने से इनकार कर दिया।
- कहा: “मैंने कुछ गलत नहीं कहा”
- इसे “सामाजिक सच्चाई” बताया
- महिला आयोग के नोटिस को “रद्दी में फेंकने” की बात कही
उन्होंने यह भी कहा कि समाज में महिलाओं का शोषण एक कड़वी सच्चाई है और उसी संदर्भ में उन्होंने बयान दिया।
अनंत सिंह का तीखा हमला: Anant Singh
मोकामा विधायक अनंत सिंह ने पप्पू यादव पर सीधा हमला बोला।
- “पहले अपनी पत्नी से पूछें, वो कैसे सांसद बनीं?”
- बयान को “अशोभनीय” और “आपत्तिजनक” बताया
उनकी टिप्पणी ने राजनीतिक बहस को व्यक्तिगत स्तर तक पहुंचा दिया है।
महिला आयोग का नोटिस: Anant Singh
Bihar State Women Commission ने स्वतः संज्ञान लेते हुए पप्पू यादव को नोटिस जारी किया है।
- बयान को “घृणित” और “महिलाओं के सम्मान के खिलाफ” बताया
- 3 दिनों के भीतर जवाब मांगा
- लोकसभा सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा तक की चेतावनी
अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
- कांग्रेस नेताओं ने बयान को “शर्मनाक” बताया
- महिला नेताओं ने माफी की मांग की
- कहा गया कि यह महिलाओं की उपलब्धियों को अपमानित करता है
क्यों बढ़ा विवाद?
यह मामला सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि:
- महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे से जुड़ा है
- राजनीति में महिलाओं की छवि और भागीदारी पर असर डालता है
- सार्वजनिक जीवन में नेताओं की भाषा पर सवाल उठाता है
पप्पू यादव का बयान और उस पर कायम रहना इस विवाद को और गहरा कर रहा है। वहीं अनंत सिंह के पलटवार ने इसे पूरी तरह सियासी टकराव में बदल दिया है। अब नजर इस बात पर है कि क्या सांसद अपने बयान पर कायम रहते हैं या बढ़ते दबाव के बीच कोई सफाई या माफी आती है?



