बहरागोड़ा में 227 किलो का बम डिफ्यूज, बड़ा हादसा टला

सेना के कंट्रोल्ड ब्लास्ट से थमी दहशत, लोगों ने ली राहत की सांस

बहरागोड़ा में 227 किलो का बम डिफ्यूज, सेना के ऑपरेशन से टला बड़ा खतरा

जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम): झारखंड के बहरागोड़ा प्रखंड के पानीपड़ा-नागुड़साई इलाके में स्वर्णरेखा नदी किनारे मिले 227 किलो वजनी बम को आज सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया गया। Indian Army की बम निरोधक टीम ने कड़ी सुरक्षा के बीच यह हाई-रिस्क ऑपरेशन अंजाम दिया, जिससे इलाके में संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया।


गड्ढे में किया गया नियंत्रित विस्फोट

सेना की 51 इंजीनियर रेजिमेंट की टीम ने विशेषज्ञ निगरानी में बम को डिफ्यूज किया।

प्रारंभिक जांच में यह बम द्वितीय विश्व युद्ध (World War II) के समय का बताया गया, जिसमें दशकों बाद भी विस्फोट की क्षमता मौजूद थी।


पूरे इलाके को बनाया गया सुरक्षा जोन

ऑपरेशन के दौरान प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा:

पूरा क्षेत्र कुछ समय के लिए अस्थायी छावनी में तब्दील कर दिया गया था।


दहशत से राहत तक का सफर

बम मिलने के बाद आसपास के गांवों में डर का माहौल था।
लेकिन जैसे ही ऑपरेशन सफल हुआ—

अधिकारियों के मुताबिक, समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो बड़ा नुकसान हो सकता था।


प्रशासन की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि:


निष्कर्ष

बहरागोड़ा में मिला यह 227 किलो का बम एक बड़े खतरे की चेतावनी भी है और राहत की कहानी भी। सेना की सतर्कता और तकनीकी दक्षता ने साबित कर दिया कि सही समय पर कार्रवाई से बड़े हादसों को रोका जा सकता है।

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