झारखंड में ‘मिशन रेवेन्यू’ शुरू, 64,300 करोड़ जुटाने का टारगेट

हेमंत सरकार सख्त: अब वसूली में ढिलाई नहीं चलेगी

हेमंत सरकार का ‘मिशन रेवेन्यू’: 64,300 करोड़ जुटाने का टारगेट, 8 विभागों पर बड़ी जिम्मेदारी

रांची: Hemant Soren की सरकार ने राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ‘मिशन रेवेन्यू’ के तहत 8 प्रमुख विभागों को 64,300 करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी लक्ष्य सौंपा गया है। साफ संदेश है—अब सुस्ती नहीं, सख्ती से वसूली होगी।


क्यों जरूरी है यह मिशन?

राज्य सरकार का फोकस साफ है:

वित्त विभाग ने अपर मुख्य सचिवों और प्रधान सचिवों को निर्देश दिया है कि विधानसभा से पारित बजट के अनुसार हर हाल में लक्ष्य हासिल किया जाए


किस विभाग पर कितना बोझ?

इस मिशन में सबसे बड़ा रोल खनन और टैक्स से जुड़े विभागों का है।

👉 साफ है कि खनन और टैक्स सेक्टर ही इस मिशन की रीढ़ बनने वाले हैं।


क्या होगी रणनीति?

सरकार अब सिर्फ लक्ष्य तय करने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि:


चुनौती भी कम नहीं

यह लक्ष्य जितना बड़ा है, उतनी ही कठिन इसकी राह भी है:

अगर इन पर लगाम नहीं लगी, तो लक्ष्य हासिल करना मुश्किल हो सकता है।


क्या होगा असर?

अगर सरकार इस मिशन में सफल रहती है, तो:


निष्कर्ष

‘मिशन रेवेन्यू’ सिर्फ एक लक्ष्य नहीं, बल्कि झारखंड की आर्थिक दिशा तय करने वाला कदम है। अब असली परीक्षा यह है कि क्या विभाग कागज से निकलकर जमीन पर प्रदर्शन कर पाते हैं या नहीं

Exit mobile version