पटना: बिहार पुलिस की Dial-112 आपातकालीन सेवा अपनी स्थापना के बाद से अब तक 43 लाख से अधिक लोगों को आपातकालीन सहायता मुहैया करा चुकी है।
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— Home Department, GoB (@BiharHomeDept) August 25, 2025
इस साल, 2022 में शुरू की गई इस सेवा के माध्यम से 8 लाख से अधिक नागरिकों को मदद पहुंचाई गई है। यह जानकारी एडीजी (संचार एवं तकनीकी सेवा) एनके आजाद ने सोमवार को एक प्रेस वार्ता में दी।
Dial-112: मौजूदा स्थिति और भविष्य की योजनाएं
एडीजी एनके आजाद ने बताया कि वर्तमान में डायल-112 पर कॉल आने के बाद पुलिस को घटना स्थल तक पहुंचने में औसतन 14 मिनट का समय लगता है, जिसे और कम करने की योजना है। उन्होंने कहा कि इस सेवा में 1,833 वाहन शामिल हैं, जिनमें 1,283 चार पहिया और 550 दो पहिया वाहन हैं, जो चौबीसों घंटे आपातकालीन सहायता प्रदान करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कर्मियों की संख्या बढ़ाने पर तेजी से काम चल रहा है, हालांकि प्रशिक्षण में डेढ़ साल का समय लगने के कारण इसमें कुछ समय लग सकता है।
इसके अलावा, कॉल लोकेशन सिस्टम को और सटीक बनाने के लिए मोबाइल सेवा प्रदाताओं के साथ समन्वय किया जा रहा है।
Dial-112: विभिन्न आपातकालीन सेवाओं का विवरण
इस वर्ष, डायल-112 पर प्राप्त हुई 8 लाख से अधिक कॉलों में से 6 लाख कॉल सामान्य विधि-व्यवस्था से जुड़ी थीं। वहीं, 1 लाख कॉल घरेलू और लैंगिक हिंसा से संबंधित थीं, जबकि 43 हजार कॉल एंबुलेंस सहायता और 33 हजार कॉल अगलगी की घटनाओं के लिए आईं। यह हेल्पलाइन अग्निशमन, महिला एवं बच्चों से जुड़ी समस्याओं और एंबुलेंस जैसी सभी आपातकालीन सेवाओं को एक ही नंबर पर समेटे हुए है।
महिलाओं की सुरक्षा और फीडबैक पर विशेष फोकस
एडीजी ने बताया कि 5 सितंबर 2024 से यातायात के दौरान महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक विशेष पहल शुरू की गई थी, जिसके तहत अब तक 200 से अधिक महिलाओं को सुरक्षा मुहैया कराई जा चुकी है। उन्होंने फीडबैक सिस्टम के बारे में भी जानकारी दी, जिसके अनुसार लगभग 10 से 15 प्रतिशत लोग ही प्रतिक्रिया देते हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत सेवा से संतुष्ट हैं। भविष्य में 100% ऑनलाइन फीडबैक लेने की व्यवस्था की जा रही है।
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