
रांची: चतरा विधायक जनार्दन पासवान के बेटे सौरभ के अपहरण की खबर से सोमवार को हड़कंप मच गया। हालांकि, पुलिस की जांच के बाद यह मामला अपहरण का नहीं निकला। पुलिस के अनुसार सौरभ अपनी मर्जी से दोस्तों के साथ बाहर गया था और उसे कुछ ही घंटों में सकुशल बरामद कर लिया गया।
मामला जनप्रतिनिधि के बेटे से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर गठित टीम ने तकनीकी जांच और अन्य माध्यमों से सौरभ की तलाश शुरू की।
विधानसभा थाना क्षेत्र से अपहरण की मिली थी सूचना
जानकारी के अनुसार, परिजनों को सौरभ के विधानसभा थाना क्षेत्र स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी के आसपास से अचानक गायब होने की सूचना मिली थी। इसके बाद आशंका जताई गई कि उसका अपहरण कर लिया गया है।
मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस ने बिना देर किए जांच शुरू कर दी। पुलिस टीम ने संभावित स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और सौरभ के संपर्क में रहने वाले लोगों से जानकारी जुटाई।
एसएसपी के निर्देश पर विशेष टीम ने शुरू की जांच
एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी अनुसंधान के जरिए सौरभ की लोकेशन का पता लगाने का प्रयास किया। इसके साथ ही संभावित ठिकानों पर भी पुलिस टीम ने कार्रवाई की।
जांच के दौरान पुलिस को ऐसे साक्ष्य मिले, जिससे अपहरण की आशंका गलत साबित हुई।
दोस्तों के साथ बाहर गया था सौरभ
पुलिस के अनुसार, सौरभ किसी गिरोह या अपराधी के कब्जे में नहीं था। वह बिना परिजनों को बताए अपने दोस्तों के साथ बाहर गया था।
तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस टीम ने उसकी लोकेशन ट्रेस की और कुछ ही घंटों के भीतर सौरभ को सकुशल बरामद कर लिया।
पुलिस ने मामले की जांच के बाद परिजनों को राहत दी। घटना को लेकर सामने आई शुरुआती अपहरण की सूचना के बाद इलाके में जो चिंता और हड़कंप की स्थिति बनी थी, वह पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद समाप्त हो गई।



