लापुंग/रांची | झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री Shilpi Neha Tirkey सोमवार को लापुंग प्रखंड स्थित बाबा बनखंडी धाम पहुंचीं।
लापुंग प्रखंड के बाबा बनखंडी धाम में आयोजित महाशिवरात्रि महोत्सव में आज शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ . प्रकृति की गोद में बसा ये आस्था और विश्वास का केंद्र लोगों को अपनी ओर हमेशा ही आकर्षित करता रहा है . जंगल – पहाड़ और सीढ़ियों से होते हुए ये सफर लंबा जरूर है पर बाबा… pic.twitter.com/HXb4x7VW4H
— Shilpi Neha Tirkey (@ShilpiNehaTirki) February 16, 2026
महाशिवरात्रि महोत्सव के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं मंत्री ने पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और राज्य की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने इस पावन स्थल को राष्ट्रीय पहचान दिलाने और इसे पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का भरोसा दिलाया।
ग्राम सभा की अनुमति से होगा विकास: Shilpi Neha Tirkey
महोत्सव को संबोधित करते हुए मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने विकास के लिए ‘ग्राम सभा’ की भूमिका को सर्वोपरि बताया। उन्होंने कहा:
-
पर्यटन स्थल की योजना: प्रकृति की गोद में बसे इस आस्था के केंद्र को सरकार पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर सकती है, जिससे इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले।
-
पेसा (PESA) नियमावली का महत्व: मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में पेसा नियमावली लागू होने के बाद, किसी भी योजना का चयन पारंपरिक ग्राम सभा की सहमति के बिना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा की अनुमति के बाद ही यहां विकास कार्यों को गति दी जाएगी।
जल-जंगल-जमीन के संरक्षण पर जोर: Shilpi Neha Tirkey
मंत्री ने आदिवासियों और स्थानीय समाज को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए कई महत्वपूर्ण बातें कहीं:
-
जमीन का संरक्षण: उन्होंने आगाह किया कि CNT/SPT एक्ट लागू होने के बावजूद आदिवासियों की जमीनें अवैध तरीके से ली जा रही हैं। समाज को कानून की शक्ति को समझना होगा।
-
संवैधानिक अधिकार: हम कानून और संविधान की मदद से ही अपने जल, जंगल और जमीन को सुरक्षित रख सकते हैं।
-
शिक्षा और एकता: उन्होंने अपील की कि समाज को ‘राजनीतिक चक्रव्यूह’ से बाहर निकलना होगा ताकि युवा पीढ़ी को बेहतर शिक्षा और भटकाव मुक्त भविष्य मिल सके।
आस्था और विश्वास का केंद्र: Shilpi Neha Tirkey
मंत्री ने बाबा बनखंडी धाम की कठिन लेकिन भक्तिपूर्ण यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि जंगल, पहाड़ और सीढ़ियों का सफर लंबा जरूर है, लेकिन बाबा भोलेनाथ की कृपा से श्रद्धालुओं को कभी थकान महसूस नहीं होती।
उपस्थित गणमान्य
इस अवसर पर प्रखंड अध्यक्ष जयंत बारला, सुदामा महली, विरंची महतो, विश्वनाथ मुंडा, योगेंद्र मुंडा, दीपक करकेटा, सरोज मुंडा, सोमरा मुंडा, अजय कुमार, प्रदीप महतो, राजकिशोर मुंडा, प्रहलाद महतो सहित भारी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।



