
पेपर लीक और भर्ती घोटालों पर केंद्र सरकार पर बरसीं शिल्पी नेहा तिर्की, बोलीं- युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही व्यवस्था
Ranchi: झारखंड सरकार की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और शिक्षा व्यवस्था की खामियों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अभियान ‘छात्रों की गूंज’ के तहत गुवाहाटी में आयोजित मीडिया संवाद में उन्होंने कहा कि देश की वर्तमान परीक्षा व्यवस्था लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
लाखों परिवारों की मेहनत पर फिर रहा पानी
शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि देशभर में माता-पिता अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए खेत बेच रहे हैं, गहने गिरवी रख रहे हैं और कर्ज लेकर उन्हें बेहतर भविष्य देने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन जब परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक हो जाते हैं, भर्ती परीक्षाएं रद्द होती हैं और नियुक्तियां वर्षों तक लंबित रहती हैं, तो सबसे अधिक नुकसान मेहनती छात्रों और उनके परिवारों को उठाना पड़ता है।
परीक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने में विफल रही है। उनका कहना था कि एक परीक्षा रद्द होना केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि लाखों युवाओं की मेहनत, समय और सपनों पर सीधा आघात है।
मंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं के बढ़ते दबाव और अनिश्चितता को भी गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि कोटा सहित देश के कई हिस्सों में छात्र मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या जैसे कदम उठा रहे हैं, जो शिक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को दर्शाता है।
शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग
शिल्पी नेहा तिर्की ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि पेपर लीक, भर्ती घोटालों और परीक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि केवल कुछ गिरफ्तारियां कर देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। जरूरत इस बात की है कि पूरी परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जाए, ताकि युवाओं का भरोसा दोबारा कायम हो सके।
पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की जरूरत
मंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और परीक्षा अनियमितताओं से युवाओं में निराशा बढ़ रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग की, जिसमें समयबद्ध भर्ती, निष्पक्ष परीक्षा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।



