सेवा और प्रेम ही ईसाई धर्म का मूल: Shilpi Neha Tirkey
मांडर में क्रिसमस मिलन समारोह: कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा— 'सेवा, प्रेम और त्याग ही ईसाई धर्म का मूल'
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सेवा और प्रेम ही ईसाई धर्म का मूल: Shilpi Neha Tirkey
मांडर:Shilpi Neha Tirkey: मांडर के हेशमी स्थित अमर शहीद शेख भिखारी स्टेडियम में ऑल चर्चेज कंबाइंड क्रिश्चियन एसोसिएशन द्वारा भव्य ‘क्रिसमस मिलन समारोह’ का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
केक काटकर मनाई खुशियां
समारोह के दौरान मंत्री Shilpi Neha Tirkey ने अपने हाथों से केक काटकर क्रिसमस के उल्लास की शुरुआत की। स्टेडियम में एसोसिएशन की ओर से आयोजित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समां बांध दिया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग पहुंचे।
समाज और राष्ट्र निर्माण में भूमिका की सराहना: Shilpi Neha Tirkey
सभा को संबोधित करते हुए मंत्री ने दिसंबर के महीने को खुशियों और स्नेह का प्रतीक बताया। उनके संबोधन की प्रमुख बातें:
धर्म का सार: उन्होंने कहा कि ईसाई धर्म का वास्तविक अर्थ सेवा, प्रेम और त्याग के मार्ग पर चलना है।
समर्पण का भाव: राष्ट्र निर्माण में ईसाई समाज के योगदान की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में इस समाज का सेवा भाव अतुलनीय है।
सबसे बड़ा धर्म: दूसरों के प्रति अपार स्नेह और समाज के प्रति अटूट समर्पण ही सबसे बड़ा धर्म है।
कार्यक्रम में गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
इस गौरवशाली अवसर पर जयवंत तिग्गा, पंकज तिर्की, अम्लन मिंज, पितरूस खलखो, एफ खलखो, मंगा उरांव, देवनीश तिग्गा, आलोक, जीवन मिंज, सेराफिना मिंज, बेलश टोप्पो, आजाद, आबिद, इशरोज और शमीम सहित कई विशिष्ट अतिथि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।