5th Chief Secretaries Conference का दूसरा दिन: मानव पूंजी पर मंथन, झारखंड के ‘मदर-चाइल्ड’ मॉडल की सराहना

नई दिल्ली/रांची: नई दिल्ली में आयोजित तीन दिवसीय ‘5th Chief Secretaries Conference’ के दूसरे दिन का मुख्य एजेंडा “विकसित भारत के लिए मानव पूंजी” रहा।

सम्मेलन में प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप देश के भविष्य को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा, कौशल और स्वास्थ्य के एकीकरण पर विस्तृत चर्चा की गई।

5th Chief Secretaries Conference: झारखंड का नवाचार: शून्य से तीन वर्ष के बच्चों का समग्र विकास

सम्मेलन के दौरान झारखंड सरकार की ओर से प्रस्तुत किए गए मदर-चाइल्ड प्रोटेक्शन (MCP) फ्लिपबुक मॉडल की विशेष रूप से सराहना की गई। इस पहल के माध्यम से राज्य सरकार 0 से 3 वर्ष की आयु के बच्चों के विकास के लिए अनूठा प्रयास कर रही है:

  • फ्लिपबुक की भूमिका: माता-पिता और देखभालकर्ताओं को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक सीख से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी एकरूपता के साथ दी जा रही है।

  • ग्राउंड नेटवर्क: आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर इस फ्लिपबुक के माध्यम से स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल विकास (ECCD) सुनिश्चित कर रही हैं।

5th Chief Secretaries Conference: शिक्षक प्रशिक्षण में झारखंड ने गाड़े झंडे

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए झारखंड के ‘टीचर प्रोफेशनल डेवलपमेंट प्रोग्राम’ को एक प्रभावी मॉडल के रूप में पेश किया गया। इसकी प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • नीड्स असेसमेंट: प्रत्येक छह माह में शिक्षकों की आवश्यकताओं का आकलन किया जाता है।

  • व्यापक भागीदारी: अप्रैल 2024 में आयोजित प्रथम चरण में राज्य के 99.26 प्रतिशत पंजीकृत शिक्षकों (1,10,094) ने भाग लिया, जो देश में एक रिकॉर्ड है।

  • NEP 2020 का अनुपालन: यह कार्यक्रम पूरी तरह से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप डिजाइन किया गया है।

5th Chief Secretaries Conference: पांच प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित रहा विचार-विमर्श

सम्मेलन में मानव पूंजी को सशक्त बनाने के लिए पांच बुनियादी क्षेत्रों पर राज्यों के बीच सहमति बनाने का प्रयास किया गया:

  1. प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा (ECCE)

  2. गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा

  3. भविष्योन्मुखी कौशल विकास

  4. उच्च शिक्षा में शोध और नवाचार

  5. खेल एवं सह-पाठ्य गतिविधियां

झारखंड के उच्चाधिकारियों की भागीदारी

इस महत्वपूर्ण सत्र में झारखंड का नेतृत्व मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार कर रहे हैं। उनके साथ कल्याण विभाग के सचिव श्री कृपानंद झा, योजना सचिव श्री मुकेश कुमार और विशेष सचिव श्री राजीव रंजन भी केंद्र-राज्य नीति क्रियान्वयन पर चर्चा में सक्रिय रूप से शामिल हैं।

यह सम्मेलन विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच सहयोगात्मक संघवाद को मजबूत करने की दिशा में निर्णायक साबित हो रहा है।

 

 

 

 

 

 

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