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Samrat Choudhary का बड़ा ऐलान: बिहार में 1 करोड़ रोजगार का टारगेट, इंडस्ट्री पर जोर

बिहार में रोजगार का नया मॉडल: उद्योग बढ़ेंगे, पलायन रुकेगा

बिहार में रोजगार और विकास को लेकर सरकार अब नई दिशा में आगे बढ़ने की तैयारी में है। Samrat Choudhary ने साफ संकेत दिया है कि अब राज्य में नौकरियों के साथ-साथ औद्योगिक विकास (Industrial Growth) पर फोकस बढ़ाया जाएगा, ताकि बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर तैयार किए जा सकें। यह बातें उन्होंने Musallahpur Haat के 100 साल पूरे होने पर आयोजित शताब्दी समारोह में कहीं।

5 साल में 12 लाख रोजगार का दावा: Samrat Choudhary

समारोह को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि बीते पांच वर्षों में राज्य में करीब 12 लाख लोगों को रोजगार मिला है, जिसमें 5.5 लाख शिक्षकों की नियुक्ति भी शामिल है। उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि Nitish Kumar और Narendra Modi के मार्गदर्शन में संभव हो पाई है।

अब 1 करोड़ नौकरियों का बड़ा लक्ष्य: Samrat Choudhary

सम्राट चौधरी ने भविष्य की योजना बताते हुए कहा कि सरकार ने अब 1 करोड़ नौकरियों का लक्ष्य तय किया है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि

  • सिर्फ सरकारी नौकरियों से यह लक्ष्य पूरा नहीं होगा
  • इसके लिए फैक्ट्रियों और उद्योगों का तेजी से विस्तार जरूरी है
  • राज्य में निवेश बढ़ाकर युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार दिया जाएगा

इंडस्ट्रियल बूम का रोडमैप: Samrat Choudhary

डिप्टी सीएम के बयान से यह साफ है कि सरकार अब बिहार को इंडस्ट्रियल हब बनाने की दिशा में काम कर रही है। मुख्य फोकस रहेगा-

  • नए उद्योग और फैक्ट्रियां स्थापित करना
  • निवेशकों को आकर्षित करना
  • लोकल स्किल के अनुसार रोजगार सृजन
  • पलायन रोकना और युवाओं को अपने राज्य में अवसर देना

मुसल्लहपुर हाट के विकास के लिए करोड़ों की घोषणा

कार्यक्रम के दौरान सम्राट चौधरी ने मुसल्लहपुर हाट के विकास के लिए 2-3 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने हाट समिति से कहा कि “आप ठोस विकास योजना बनाएं, सरकार हर संभव सहयोग करेगी।”

सामाजिक कार्यों की सराहना

डिप्टी सीएम ने हाट समिति के सामाजिक कार्यों की भी सराहना की। समिति द्वारा-

  • विधवाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों की मदद
  • गरीब मरीजों को सहयोग
  • मेधावी छात्रों को प्रोत्साहन

जैसे कार्यों को उन्होंने समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

100 साल पुराना इतिहास

समिति अध्यक्ष उत्तम मेहता के अनुसार

  • हाट की स्थापना 31 मार्च 1927 को हुई थी
  • इसकी शुरुआत एक स्थानीय महिला चितकुंवर देवी के सुझाव से हुई
  • कुशवाहा समाज ने करीब 2 एकड़ जमीन दान कर इसे विकसित किया

आज यह हाट न सिर्फ व्यापार का केंद्र है, बल्कि सामाजिक गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण स्थान बन चुका है।

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