धनबाद की बेटी रशीदा नाज बनीं झारखंड साइंस टॉपर, 489 अंकों के साथ रचा इतिहास
धनबाद की धरती ने एक बार फिर शिक्षा के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। झारखंड इंटरमीडिएट साइंस परीक्षा 2026 में धनबाद जिले के झरिया विधानसभा क्षेत्र स्थित जमाडोबा रमजानपुर की रहने वाली रशीदा नाज ने पूरे राज्य में प्रथम स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया है। उनकी इस शानदार सफलता से परिवार, स्कूल और पूरे इलाके में खुशी का माहौल है।
DAV प्लस टू हाई स्कूल पाथरडीह की छात्रा रशीदा नाज ने कुल 489 अंक प्राप्त कर झारखंड साइंस टॉपर बनने का गौरव हासिल किया। दिलचस्प बात यह है कि गणित उनका पसंदीदा विषय है, लेकिन सबसे ज्यादा अंक उन्होंने केमिस्ट्री में हासिल किए।
साधारण परिवार से निकलकर बनीं राज्य की टॉपर
रशीदा नाज एक साधारण परिवार से आती हैं। उनके पिता निजी क्षेत्र में काम करते हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद रशीदा ने कभी अपनी पढ़ाई से समझौता नहीं किया। उनकी सफलता यह साबित करती है कि मजबूत इरादों और लगातार मेहनत के दम पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
आज के दौर में जहां छात्र कोचिंग और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर अधिक निर्भर हो रहे हैं, वहीं रशीदा ने अपने स्कूल की पढ़ाई और शिक्षकों के मार्गदर्शन पर सबसे ज्यादा भरोसा किया। उन्होंने बताया कि कक्षा 8 तक उन्होंने किसी भी बाहरी कोचिंग का सहारा नहीं लिया था। उनकी बड़ी बहन ने शुरुआती पढ़ाई में उनकी मजबूत नींव तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शिक्षकों और परिवार को दिया सफलता का श्रेय
रशीदा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों और परिवार को दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें अच्छे परिणाम की उम्मीद थी, लेकिन पूरे राज्य में टॉपर बनना उनके लिए सपने के सच होने जैसा है।
रशीदा के शब्दों में,
“मेरी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय मेरे शिक्षकों के मार्गदर्शन और परिवार के लगातार सहयोग को जाता है। खासकर मेरी बड़ी बहन ने मेरी शुरुआती शिक्षा में सबसे ज्यादा मदद की।”
आगे प्रोफेसर बनने का है सपना
रशीदा नाज का सपना सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। वे आगे चलकर प्रोफेसर बनना चाहती हैं और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देना चाहती हैं ताकि आने वाली पीढ़ियों को बेहतर मार्गदर्शन मिल सके।
उनकी इस उपलब्धि से जमाडोबा और पाथरडीह इलाके का नाम पूरे झारखंड में रोशन हुआ है। स्कूल के शिक्षकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि रशीदा शुरू से ही बेहद मेधावी, अनुशासित और मेहनती छात्रा रही हैं। उनकी यह सफलता वर्षों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है।
