रांची, 05 मई 2026: राजधानी रांची के धुर्वा स्थित शालिमार बाजार में संचालित हाईजेनिक फिश मार्केट एवं फिश फीड मिल का आज झारखंड सरकार की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री Shilpi Neha Tirkey ने औचक निरीक्षण किया। यह बाजार रांची समेत आसपास के क्षेत्रों के लिए ताज़ी मछलियों की आपूर्ति का प्रमुख केंद्र है।
निरीक्षण में सामने आईं खामियां, 10 दिन का अल्टीमेटम: Shilpi Neha Tirkey
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने पाया कि
- उपभोक्ताओं को लाभ मिल रहा है, लेकिन व्यवस्थाओं में कई खामियां हैं
- अव्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को 10 दिनों के भीतर सुधार के निर्देश दिए
- साफ-सफाई और रख-रखाव को प्राथमिकता देने को कहा
SOP लागू करने और पारदर्शिता पर जोर: Shilpi Neha Tirkey
मंत्री ने संचालन प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए
- स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार किया जाए
- रेंटल एग्रीमेंट और किराया निर्धारण में पारदर्शिता हो
- दुकानदारों को मिलने वाली सुविधाओं को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाए
हर जिले में आधुनिक फिश मार्केट का लक्ष्य: Shilpi Neha Tirkey
मंत्री ने कहा
- राज्य के प्रत्येक जिले में आधुनिक और सुव्यवस्थित मत्स्य बाजार विकसित किए जाएंगे
- इससे मत्स्य किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को सीधा लाभ मिलेगा
- किसानों के लिए प्रशिक्षण केंद्र (Training Centres) स्थापित किए जाएंगे
रोजाना 6 मीट्रिक टन मछली की आपूर्ति: Shilpi Neha Tirkey
प्राप्त जानकारी के अनुसार
- बाजार में प्रतिदिन लगभग 6 मीट्रिक टन मछलियों की आपूर्ति होती है
- मछलियां गेतलसूद, चांडिल, कोनार, मैथन, पंचेत और मसानजोर जैसे जलाशयों से लाई जाती हैं
- यहां से विभिन्न बाजारों में वितरण किया जाता है
फिश फीड मिल का भी लिया जायजा
मंत्री ने फिश फीड मिल की कार्यप्रणाली पर भी ध्यान देते हुए निर्देश दिया
- आपूर्ति और वितरण का पूरा व अद्यतन रिकॉर्ड प्रस्तुत किया जाए
- मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखा जाए
किसानों से संवाद, बढ़ती मांग पर निर्देश
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने मत्स्य किसानों से भी बातचीत की।
- किसानों ने 15–30 दिनों में फिश फीड की मांग बढ़ने की संभावना जताई
- मंत्री ने मत्स्य निदेशक को सभी जिलों से मांग का आकलन कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया
लापरवाही पर सख्त चेतावनी
मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया
- कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
- जवाबदेही सुनिश्चित की जाए
- समयबद्ध तरीके से सुधार कार्य पूरे किए जाएं
